उसके पति को पेड़ में बंधक बनाकर, इसके बाद उसके साथ जो बलात्कार करने की कोशिश करते हैं पत्नी
और पति का रो रोकर बुरा हाल हो जाता है, वह हाथ पैर जोड़कर हैं भीख मांगते हैं, लेकिन उन लोगों के कानों तक उसकी आवाजें पहुंच ही नहीं रही थी, जब पति बारबार चिल्ला रहा है कि मेरी पत्नी को छोड़ दो, और उस व्यक्ति को कुछ लोगों ने लगभग तीन से चार घंटे तक बंधक बना के रखा, और जब वो लोग वहां से चले जाते हैं तो उसकी पत्नी उसको बंधन मुक्त करती है ,और बंधन मुक्त करते हुए कहती है कि अभी जो तुमने देखा है ना यह बात कभी किसी से बताना मत शेयर मत करना, हमारी जिंदगी लुट चुकी है बर्बाद हो चुकी है ,यह दोनों पति पत्नी घर चले जाते हैं इन्हें जाना कहीं और था, क्योंकि अभी कुछ देर
पहले उसकी पत्नी ने उसे कसम दी थी ,रात को सोते वक्त पत्नी के शरीर पर जरा सा भी कोई कपड़ा या इसके पति का हाथ अगर लग जाया करता ,तो पत्नी बहुत डरने लगती और वो कांपने लगती थी ,पूरी रात रो रोकर गुजर जाती है ना पति पत्नी से कुछ कह पाता है, ना पत्नी पति से कुछ कह पाती है ,जब पूरी रात बीत जाती है दिन निकलता है, 2४ मार्च 2023 को पति कहता है कि मैं
तुम्हारी कसम तोड़ने के लिए जा रहा हूं ,रोता हुआ बिलखता हुआ अपनी पत्नी के आगे हाथ जोड़ते हुए कहता है कि मेरे साथ चलो ,पत्नी मना करती है, लेकिन फिर भी पति उसको जबरदस्ती नई मंडी पुलिस चौकी लेकर जाता है, और वहां जाकर अपनी आप भीति बताता है शुरुआत में पुलिस उस आप भीति को अनसुना कर देती है ,क्योंकि उन्हें लग रहा था कि यह कहानी है, मगर यह कहानी नहीं थी ये हकीकत थी, ऐसी हकीकत जिसे सुनने के बाद यदि आप के साथ ऐसी घटना हो तो शायद जिंदगी फिर जीने लायक बचेगी ही नहीं, आपको लगेगा कि इसे खत्म कर देना चाहिए, मगर उस पति ने जो किया है मैं वाकई उसकी हिम्मत की दात दूंगा, और जिन लोगों ने यह किया है वाकई उन्होंने इंसानियत के नाम पर वो धब्बा है वा कलंक है ,ऐसे लोगों को समाज में रहने का ना कोई अधिकार नहीं है ना ही कोई अधिकार मिलना चाहिए,
नमस्कार मैं सिवानग देव आज की जो सच्ची कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूं, यह सच्ची कहानी है उतर प्रदेश का एक जिला है मुजफ्फरनगर, और मुजफ्फरनगर जिले की नई मंडी का ये मामला है, एक व्यक्ति अपनी पत्नी को ससुराल से लेकर घर आ
रहा था, 23 मार्च 2023 को लगभग शाम 6 बजे के आसपास का वाकया है, उस इलाके में भोपा एनएच 58 जो पड़ता है वहां से पति और पत्नी आ रहें हैं ,40 से 45 बाइक की स्पीड रही होगी ,मुस्कुराते हुए कुछ गाते गुनगुनाते हुए आ रहे थे, अचानक ही तीन से चार बाइक वहां पर आती हैं ,और उन लोगों को धमकाते हुए रोकते हैं, वह समझ नहीं पाते कि क्यों रोकना चाहते हैं, सूरज छिपने को था हल्का-हल्का, अंधेरा होने को था ये साफ दिखाई दे रहा था कि चार बाइकों पर लगभग 8 लोग थे, इसके बाद उन्हें बाग में लेकर जाते हैं और एक पेड़ से पति को बांध देते हैं, शुरुआत में वो सिर्फ नाटक कर रहे थे ड्रामा कर रहे थे लूटने का, उनका मकसद कुछ और था, उन 8 लोगों की भीड़ में छह लोग ऐसे होते हैं जो सिर्फ खड़े हुए तमाशा देख रहे थे, शरीर तो था लेकिन आत्मा या रूह उनकी मर चुकी थी, और उन्हीं में से दो लोगों ने उसके पति को पेड़ में बंधक बनाकर, इसके बाद उसके साथ जो बलात्कार करने की कोशिश करते हैं, और उसके पति का रो रोकर बुरा हाल हो जाता है ,वह हाथ पैर जोड़कर भीख मांगता हैं, लेकिन उन लोगों के कानों तक उसकी आवाजें पहुंच ही नहीं रही थी, जब पति बारबार
चिल्ला रहा है कि मेरी पत्नी को छोड़ दो, तो उसके मुंह में वो लोग कपड़ा ठूंस देते हैं, और कहते हैं कि इस बार चिल्लाने की कोशिश की तो तुम्हारी पत्नी को हमेशा हमेशा के लिए मार दिया जाएगा ,दो लड़के थे उन दो लड़कों में एक का नाम उस्मान एक का नाम शाहरुख, ये दो लोग मिलकर जब तक इनका मन कर रहा था तब तक इस महिला के साथ वो गंदा काम कर रहे थे और छह उनके बराबर में खड़े हुए ऐसे ही तमाशा देख रहे थे जैसे वो जिंदा तो है मगर जिंदा नहीं है, पति की आंखों में आंसू हैं वह बार-बार हाथ जोड़ कर, कुछ अपील करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि निर्दय लोगों ने उसके हाथों को बांध दिया था उसके पैर को भी बांध दिया था, वो सिर्फ इशारे कर रहा था, मगर उन छह लोगों पर उन इशारों का कोई भी मतलब नहीं था कोई फर्क नहीं पड़ रहा था, दो लोगों ने उसके साथ रेप किया और जाते जाते कहते हैं कि एक एक बार और करने का मन कर रहा है, यह बात किसी और ने नहीं बल्कि उस्मान ने कही थी क्योंकि वही इनका मुख्य आरोपी है, वही व्यक्ति मुख्य था ,उसी के कहने से ही इस बाइक सवार दंपति को रोका गया था और उसी ने कहा कि लूटपाट नहीं करनी बल्कि इनके साथ कुछ गलत काम करते हैं, शराब के नशे में धुत थे ,और
यह लोग बलात्कार करने के बाद वहां से जाते हैं, और जाते हुए कहते हैं कि यह बात अगर किसी से शेयर करने की कोशिश की तो समझ लेना कि तुम्हारी जिंदगी का वह आखिरी दिन होगा, तुम बच नहीं पाओगे, खासकर उस्मान ही इस बात को कहता है, और जब य दोनों धमकी देकर वहां से चारों बाइको पर चले जाते हैं ,पति बंधा हुआ है वह कह रहा कि मुझे खोलो मत, मैं बस ऐसे ही बंधा रहना चाहता हूं मैं जीना नहीं चाहता ,मेरी जीने की इच्छा खत्म हो चुकी है, पत्नी कहती है कि तुम्हारा कोई दोष नहीं है तुम्हारे तो हाथ पैर बंधे हुए थे, दोष तो उनका है जिन्होंने गलत काम किया है, हाथ पैर खोलती है ,खोलते हुए रोते हुए गिड़गिड़ाते हुए, कहती है कि यह बात किसी से शेयर मत करना, क्योंकि अगर यह बात किसी से शेयर करोगे ,किसी से बताओगे तो शायद मैं जी नहीं पाऊंगी, पति क्या करता क्या नहीं करता, वो सोच नहीं पा रहा था, अपनी पत्नी से कहता कि घर चलते हैं, और किसी पुलिस स्टेशन नहीं जाते, घर जाकर पूरी रात उनकी ऐसे ही जागते हुए गुजर जाती है ,वही लमहे, वही दृश्य, वही नजारा जब याद करते हैं तो उनके अंदर एक सिरहन से पैदा होती है, शरीर कांपने लगता है,
घर में बाकी सदस्य भी है किसी को कुछ भी नहीं पता
है अभी वो ससुराल से जो आए थे, ससुराल वाले भी कह रहे थे कि आज मत जाओ कल सुबह निकल जाना, बार-बार पत्नी भी कहती कि आज रुक जाते तो शायद यह सब नहीं होता, पूरी रात जब ऐसे निकल जाती है अगला दिन निकलता है, नई मंडी पुलिस चौकी में जाकर वह अपने आप भीती बताने की कोशिश करता हैं, मगर पुलिस उनकी सुनती ही नहीं है, पुलिस को लगता है कि यह कोई कहानी है इस कहानी को गड़ा गया है ,इस कहानी को तैयार किया गया है यह सब झूठ है, मगर उनकी आंखों में जो आंसू थे उनकी जो बेबसी थी, वो साफ दिख रही थी, इंस्पेक्टर को लगता है कि वाकई कुछ तो गलत हुआ है ,उसके बाद उसने उच्च अधिकारी, यानी कि मुजफ्फर नगर के एसएसपी अभिषेक यादव से बातचीत करते हैं कहते हैं कि साहब यहां पर ऐसा कुछ है क्या करना चाहिए ,अभिषेक यादव इस मामले को गंभीरता से लेते हैं और कहते हैं कि जहां पर घटना स्थल है ,जो क्राइम जहां पर हुआ है वहां चलते है और देखते हैं, तो वाकई क्राइम हुआ था क्योंकि एन एच 58 पर वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे ,और सीसीटीवी कैमरे में यह सबकुछ कैद हो जाता है, कि यहां कुछ बाइक सवार आते हैं और दंपति को रोकते हैं,
उसके बाद वो जंगल की तरफ ले लेके जाते हैं, उसको वो अपने मोबाइल में कैद करने के बाद, एसएसपी अपने एक पीआरओ सेल है उसके अंदर डाल देते हैं, जिसमें बड़े-बड़े अधिकारी पुलिस इंस्पेक्टर और भी बहुत सारे ऑफिसर हैं ,जो मुजफ्फर नगर के हैं ,और वो कहते हैं कि
मुझे यह व्यक्ति यह लोग हर हाल में चाहिए चाहे कोई भी हो, पुलिस अब इनकी जांच पड़ताल में जुड़ जाती है, उस मोबाइल नंबर को लेकर कम से कम 600 से ज्यादा पुलिस वाले उनकी तलाश में जुड़ जाते हैं, और एक एक घर जाकर पूछते हैं कि इस कद काठी के इस चेहरे के ये कौन लोग हैं , इन 8 के 8 लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओ में मुकदमा दर्ज कर लिया है ,खासकर आठ को गिरफ्तार करके जेल भेजा है, इस महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया उस महिला के नाखूनों का भी डी एनए सैंपल लिया गया है, उसके शरीर के अलग अलग हिस्सों से कपड़ों का भी डी एनए सैंपल लिया गया है, उस पर लगे कुछ धब्बे थे जो खून के, उनका भी डी एनए सैंपल लिया गया ,ताकि इस मामले की पुख्ता से पुख्ता
चार्जशीट तैयार की जा सके, और एसएसपी का दावा है कि अगले 15 से 20 दिन में इनके खिलाफ चार सीट लग के कोर्ट पहुंच जाएगी, और कम से कम समय में
इन
लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी, हालांकि पति और पत्नी की काउंसलिंग कराई जा रही है, उनके अंदर जो यह एक दृश्य दिमाग में जो फीड हो चुका है स्टोर हो चुका है, उसको इरेज करने की तमाम कोशिशें की जा रही है, साथ ही इन लोगों के विरुद्ध एनएसे लगाने की भी तैयारी की जा रही है क्योंकि वह सरकार की तरफ से उसका आदेश होता है, सरकार भी इसमें शायद जल्दी ही कोई बड़ा फैसला लेने वाली है ताकि उस दंपति को उस पति और पत्नी को इंसाफ मिल सके, और ऐसे भेड़ियों को कम से कम समय में कड़ी से कड़ी सजा मिल सके ,दोस्तों वाकई इंसानों के बीच में जो इस तरह के भेड़िए रहते हैं उन्हें शायद जीने का कोई अधिकार नहीं है, कम से कम ऐसे मामलों में तो सरकार को कोर्ट को ऐसे फैसले लेने चाहिए ताकि समाज को एक मैसेज दिया जा सके, एक संदेश दिया जा सके, इन्होंने जो किया है वाकई गलत किया है, क्योंकि हमेशा कोर्ट की तरफ से मिलने वाले फैसलों में जो लेट लतीफी होती है, इसलिए अपराधियों के अपराध करने के जो मंसूबे होते हैं वो बढ़ते चले जाते हैं, दोस्तों इस कहानी को सुनाने का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठोस पहुंचाना नहीं है, दोस्तों जहां भी रहे सुरक्षित रहे और अपना ख्याल रखे, थैंक्स फॉर वाचिंग माय स्टोरी वीडियो
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