suvichar: Best romantic story


                            👉 यह कहानी काल्पनिक केवल मनोरंजन के लिए है मेरा उद्देश किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है🙏एक दिन की बात है जब मैं घर का सफाई का काम करती हुई सासूर जी के कमरे में गई तो मैंने देखा कि ससूर जी कमरे में नहीं है मुझे समझ में नहीं आया कि इस समय कहां गये होंगे में इधर उधर देखने लगी और तभी मुझे उनके बाथरूम की लाइट जलती हुई नजर आई मै जिज्ञासा बस उठी और वहां पर चली गई मैंने वहां पर देखा कि बाथरूम का दरवाज़ा थोड़ा सा खुला हुआ है और अंदर से कुछ अजीब तरह की आवाजें आ रही है मैं सुनकर घबरा गई और सोचा कि शायद पापा जी की तबीयत ठीक नहीं है या वो किसी तकलीफ में है और वहां पर जाकर देखा तो मेरी आँखे फटी की फटी रह गई मेरा नाम नैना है और अब मेरी उम्र तेईस साल है मैं एक सुंदर विवाहित और जवान स्त्री हूँ मेरा कद पाँच फुट 4 इंच है और मेरा रंग साफ है मेरा जिस्म बिल्कुल कारीगर की तराशी हुई संगमरमर की मूर्ति की तरह है लोग मुझे इस डर से नहीं छूते की मेरे शरीर पर कोई दाग न लग जाय मेरा फिगर छत्तीस चौबिस छत्तीस है मेरी शादी हए तीन साल हो गए हैं और मेरा एक बेटा है जो कि मेरी शादी के एक साल चार माह बाद हुआ था और अब 10 माह का है जब वह 5 मह का था तब मेरे पति का तबादला दुबई में हो गया था क्योंकि उनका क्षेत्रफ़ल इंटरनेशनल था इसलिए वह परिवार को अपने साथ नहीं ले जा सकते थे उन्हें हर ग्यारह माह के बाद एक माह के लिए भारत आने का इजाजत था विदेश जाना उनकी मजबूरी थी इसलिए मुझे और मेरे 5 माह के बेटे को अकेला छोड़ गए थे हम अकेले न रहे इसलिए मेरे पति ने अपने पिताजी को यानी के मेरे ससुर जी को हमारे साथ रहने के लिए शहर बुला लिया था मेरे ससुर जब हमारे साथ रहने के लिए आएं तब उनकी उम्र 40 साल की थी वे हमसे अलग गांव में रहते थे मेरी सास की मृत्यु एक साल पहले हो गई थी और पिछले एक साल से ज्यादा से ही ससुर जी गांव में अकेले ही रहते थे ससुर आर्मी में मेजर रह चुके थे और रिटायर्ड होने के बावजूद वह बहुत फुर्तीले थे आर्मी के तौर तरीके और तहजीब वह अभी तक नहीं भुले थे गांव में रहने और खेती बाड़ी करते गांव के शद्ध वातावरण के कारण उनका शरीर बहुत ही गठीला था और इस आयु में भी वो एकदम अट्ठाईस या तीस साल के जवान लगते थे पर जब भी हमारे ससुर हमारे घर आकर रहते थे तो मेरी पड़ोसन उन्हें मेरे पति के बड़े भाई ही समझती थी पति के जाने के बाद पिछले सात माह से वह हमारे साथ ही रह रहे थे पढे लिखे होने के कारण उनका उठना बैठना और पहनावा भी शहरवासियों जैसा है इसलिए मेरे साथ घर में बहुत जल्द एडजस्ट हो गए थे घर के काम और बच्चों की देखभाल में मेरा हाथ बटा देते थे मुझे और मेरे पति को ऐसे ही काम करना बहुत पसंद है और शादी के बाद कई दिन तक हमने ऐसा किया था अब मेरे पति को दुबई गए हुए लगभग सात माह हो चुके थे और इन सात माह में पहले दो माह तक मुझे एक बार भी नहीं मिला इसलिए मैं इतनी बेचैन रहती थी और सारा दिन तड़पती रहती थी पर कोई भरोसे का नजर नहीं आता था लेकिन पाँच महीने पीछे अचानक ही एक ऐसा अवसर मिला जिसे मेरी जिंदगी में बहुत बड़ी खुशी मिली और वह खुशी मेरी अभी तक जारी है यह उस दिन की बात है जब मैं घर की सफाई का काम करती हुई ससुर जी के कमरे में गई और मैंने देखा वो भी उसीकि वह कमरे में नहीं थे मुझे समझ में नहीं आया कि वे कहां गए होंगे इसलिए मैं इधर उधर देखने लगी और तभी मुझे उनके बाथरूम की लाइट जलती हुई नजर आई में जिज्ञासा वश उठी और देखने चली गई वहां मैंने देखा कि बाथरूम का दरवाज़ा थोड़ा सा खुला हुआ है और अंदर से कुछ अजीब सी आवाजें आ रही है मैं सुनकर घबरा गई और सोचा कि शायद पापा जी की तबीयत ठीक नहीं है या वें किसी तकलीफ में है मैं घबराहट से जल्दी से बाथरूम का दरवाजा खोलकर अंदर झांकने लगी अंदर का नजारा देखकर मेरे होश उड़ गए पापा जी अपने महाराज की बड़ी तसल्ली से मर्ज कर रहे थे इससे पहले की मैं अपने आपको संभालती तभी मैंने देखा कि पापा जी ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रहे थे यह सब देखकर मुझे एक अजीब सी फीलिंग होने लगी फिर मैंने जोर से एक लंबी सांस नीकाली जिसे सुनकर पापा जी ने पलटकर देखा और मुझे देखते ही गुस्से से बोले तू यहाँ पर क्या कर रही है उनके गुस्से से भरी आवाज सुन कर में डर गई और बिना आवाज दिए वहां से भाग गई इस घटना के दो घंटे बाद मैं तो उनके सामने भी नहीं गई लेकिन दोपहर खाना बनाने के समय बेटा तंग कर रहा था तो मुझे मजबूर होकर अपने बेटे को उनको देने जाना पड़ा तब बिल्कुल पापा जी सामान्य तरीके से पेश आए इससे मेरी जान में जान आई और मैं भी उनके सामने आने जाने लगी तथा सामान्य तरीके से व्यवहार करने लगी लेकिन उस घटना के बाद अगले दिन भी मैं उस नजारे के बारे में सोचती रही अगले दिन रात को सोने के समय मेरा बेटा बहुत रोने लगा जब वह चुप नहीं हुआ तो मैं उसे पापा जी के कमरे में ले गई और उन्हें देकर उनसे चुप करवाने का आग्रह किया पापा जी ने गोद में लिया और मुझे तेल लाने को कहा मैंने उन्हें तेल ला कर दिया तो उन्हें ने मेरे बेटे के पेट पर तेल मलना शुरू कर दिया कुछ ही देर में बेटा चुप होकर उनकी गोदी में सो गया पोते को दादा के पास छोड़कर मैं अपने कपडे बदलने चली गईं तभी मेरे दिमाग में योजना आई कि अगर मैं ससुर जी को अपने आप कुछ झलक दिखलाओ तो शायद कुछ बात बन जाए अपने सारे कपड़े उतार कर चेंज करके अपना पिंक रंग का पारदर्शी सा नाइट सूट गाउन पहने सूट के ऊपर के दो और नीचे के तीन बटन खुले छोड़ दी और बेटे को पापा जी के कमरे में लेने के लिए गई पापा जी ने मुझे उन कपड़ों में देखा और एकटक देख ही रहे थे उनकी आंखों की चमक बता रही थी कि वह मेरे बिछाए हुए जाल में फंस जाएंगे मुझे सिर्फ कुछ इंतजार करना पड़ेगा जब मैंने पापा जी से बेटे को लेने के लिए हाथ बढाया तो वें मझे देखते ही एकदम स्थिर हो गए मैंने कहा पापा जी देव सो गया है लाइए मैं इसको बिस्तर पर सुला दु तब हड़बड़ा कर उन्होंने कहा की यह अभी अभी सोया है कच्ची नींद में है इसलिए इसे अभी यहीं रहने दो मैं हाजी बोलती हुई अपने कमरे में चली गई मुझे नींद नहीं आ रही थी इसलिए मैं बहुत देर तक ऐसे ही करवटें बदलती रही तभी मुझे याद आया कि मैंने बेटे को दूध पिलाया ही नहीं मैं उठी और पापा जी के कमरे में गई तो पाया कि वह भी सो गए हैं तब मेरे मन में आया कि मैं भी इसी कमरे में सो जाती हूं क्योंकि बेटा भी इसी कमरे में सोया हुआ है और मैं उनके साथ वाले बेड पर लेट गई बेटे को अपने पास खींचा और इतने में पापा जी नींद में ही करवट बदली और सीधे होकर सोने लगे मेरे बेटे का पेट भर चुका था लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी मैंने बच्चे को अलग से सुला दिया और वहीं बैठकर पापा जी के उसको निहारती रही और वह लेटे लेटे मुझे चिढ़ा रहा था मैंने महसूस किया कि मैं अपनी मन को अब नहीं दबा सकती और उसे लेकर जिंदगी का मजा चाहती हूं मैं अपना अकेलापन दूर करना चाहती हूँ अपनी भूख मिटाना चाहती हूं इसके लिए अब वो मुझे मेरे पति की गैर हाजिरी में भरोसे का और पूरा संतुष्ट करने वाल पुरुष अब मिल चुका है अब और इंतजार नहीं कर सकती और इसलिए मैंने अपनी सारी जीझक छोड़ी और मैं ससुर जी के पास जाकर लेट गई तो थोड़ी देर बाद पापा हिलने लगे मुझे लगा कि उनका हाथ मेरे सर पर आ गया है और ससुर जी जाग गए हैं उसकी इस हरकत से मैं थोड़ा घबराई मेरी हालत पतली हो गई थी मेरी सांस उखड़ रही थी फिर मैंने हिम्मत नहीं छोडी करीब एक घंटे के बाद पापा जी का हाथ मेरे सर से हटा और नीचे आ गया उनकी इस हरकत से मैं बहुत ज्यादा प्रसन्न हुई मुझे अभी मजा आना शुरू हुआ था कि पापा जी उठकर बैठ गए और उनकी नींद खुल गई थी उन्होंने मुझे झटके के साथ अलग कर दिया फिर उन्होंने उठकर एक लाइट जलाई और भुआचक्के होकर मुझे देखने लगे पापा जी मैं तो वही कर रही थी जो आप चाहते थे मैंने जवाब दिया मैंने ऐसा करने को कब कहा है पापा जी बोले तो मैं बोली मैं तो बेटे को लेने के लिए आई थी पापा जी बोले तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था और मुझे माफ कर देना फिर मैं बोली मैंने आज तक आपके कोई भी आदेश का इशारा कभी नहीं टाला तो ये कैसे मना कर सकती हूं पापा जी बोले अरे मैं तो नींद में और सपने में था मुझे लगा ये सब तुम्हारी सास कर रही थी इसलिए मैंने ऐसा इशारा किया होगा पापा जी तो क्या हो गया अगर मैंने आपके इशारे को आपका आदेश समझकर आपकी सेवा कर दी तो आपका सपना और मेरा कर्तव्य पूरा हो गया हैं ससुर जी ने कहा अरे तू बात क्यों नहीं समझ रही है मैं तेरे साथ ऐसा कुछ नहीं अब वो दोनों एक साथ कदम उठा चुके थे दोनों में से कोई एक भी कदम पीछे ले जाता तो दूसरे को बुरा लगता बताए अब हम यहां से आगे बढ़ने के आलावा क्या कर सकते हैं मै नादान बनती हुई बोली इससे पहले कि वह कुछ कहे और बात ज्यादा बिगड़े में उठ कर खड़ी हो गई उन्हें आगे कुछ बोलने का कोई मौका दिए बिना मैं उनके पैरों को पकड़कर नीचे बैठ गयी आपका सहारा पापा जी कुछ नहीं बोले और चुपचाप खड़े रहे मैं समझ गई कि अब लोहा गरम है और चोट मारने का समय आ गया है बस फिर क्या था में जंग जीत ली में तो सातवें आसमान तक पहुँच रही थी पापा जी बोले। बहुत स्वादिष्ट कुछ मीठा और कुछ नमकीन फिर क्या सारा रस मुफ्त में पी जाओगे और मुझे कुछ नहीं देगी पापाजी हंसते हुए बोले मिल गई मुझे शरारत की सजा चिंता मत करो अभी तो इससे भी बड़ी सजा मिलने वाली है मैंने अनजान बनते हुए पूछा पापा जी कैसे बड़ी सजा तभी पापा जी ने कहा खुशी में थक गया हूं और मुझे भूख लग गई है इसलिए थोडा सा दूध गर्म करके लाओ तुम भी पी लो और बच्चे को भी पिलाओ मैने झट से कहा नहीं पापा जी मुझे बिल्कुल भी भूख नहीं है दोस्तों ये थी छोटी सी रोमांटिक स्टोरी यह स्टोरी पढने के लिए धन्यवाद 

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