उस लड़की के पूरे कपड़े उतार दिए जाते हैं यानी कि उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था। अब वो लड़की शर्मा रही है परेशान है और उसके साथ पहले ही रेप हो चुका है। धीरे-धीरे उसे होश आता है तब तक उसके साथ लगभग 10 लड़के बारी-बारी से बलात्कार कर चुके थे। नमस्कार दोस्तों यह कहानी जो सुनाने जा रहा हूं सच्ची घटना महाराष्ट्र की है। पूछताछ के लिए तो लेडीज पुलिस अधिकारी साफ सफाई करने जाएगा तो लेडीज डिपार्टमेंट से ही कोई जाएगा। यानी कि उस कमरे के अंदर एंट्री है तो सिर्फ लेडीज़ की ।मुंबई का एक हॉस्पिटल है जहां पर लगभग 16 साल की एक लड़की एडमिट है। उस लड़की के इलाज के लिए लेडीज डॉक्टर पूछताछ के लिए तो लेडीज पुलिस अधिकारी ।साफ सफाई करने जाएगा तो लेडीज डिपार्टमेंट से ही कोई जाएगा। यानी कि उस कमरे के अंदर एंट्री है तो सिर्फ महिला या लेडीज की। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति पुरुष नाम से ना तो कोई
वहां एंट्री होगी। ना ही पुरुष का नाम वहां लिया जाएगा।
दरअसल वह लड़की पुरुष नाम से इतना भयभीत है इतनी डरी हुई है कि नाम सामने आते ही लड़की की सांसें जोर-जोर से चलने लगती हैं ।उसे देखकर ऐसा लगने लगता है जैसे कि वह मर
जाएगी 13 अक्टूबर की शाम 4 बजे तक वह लड़की जिंदगी की जंग लड़ रही थी। और सांसें उसकी ऐसे ही चल रही हैं। जैसे वह अभी मर जाएगी। उसे वाकई बहुत सारी प्रार्थना की जरूरत है वो लड़की दिल्ली की निर्भया से कम नहीं। क्योंकि उसके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है बल्कि उससे ज्यादा कहे तो कम नहीं होगा ।यह घटना महाराष्ट्र के पुणे शहर की है। दरअसल यहां का एक थाना है बनवाड़ी। और इसी थाने क्षेत्र में रहने वाली एक लड़की ।जिसकी उम्र 16 साल है उसके माता पिता किसी केमिकल फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। 30 अगस्त की रात 9 बजे के आसपास की घटना है । और वह लड़की अपने एक दोस्त से मिलने के लिए पुणे के रेलवे स्टेशन पर पहुंच जाती है। वहां जाकर उस लड़के का इंतजार कर रही थी ।रात के 10 बज चुके थे मगर उसका दोस्त नहीं आया। जिसे लेकर वह परेशान होने लगती है।अचानक ही उस लड़की पर एक टैक्सी वाले की नजर पड़ जाती है और जैसे ही टैक्सी वाले की नजर पड़ती है। टैक्सी वाला उससे पूछता है ।कि तुम क्यों रो रही हो।
क्यों परेशान हो। क्या मैं तुम्हारी कोई मदद कर सकता हूं ।तो लड़की को मददत की जरूरत थी। उसे लगा कि शायद यह जो व्यक्ति है लगभग
जिसकी उम्र 30 साल है ।उसने अपने दास्तान उस टैक्सी वाले को सुना दिया। और कहा कि वह अपने घर वालों की बिना मर्जी के यहां रेलवे स्टेशन पर। अपने दोस्त से मिलने के लिए आई थी। दोस्त नहीं आया इसलिए मैं परेशान हूं ।इतना सुनने के बाद वह टैक्सी वाला वहां से चला जाता है ।और करीब 15 मिनट के बाद फिर वापस लौट कर आता है । और फिर उसने लड़की से कहा कि जिसका तुम इंतजार कर रही थी दरअसल वो लड़का बाहर खड़ा हुआ है। और वह यहां आना नहीं चाहता वह शर्मिंदा है अपनी किए पर ।जो लेट हो गया है ।इसलिए मेरे साथ चलो और मैं तुम्हें उससे मिला दूंगा। लड़की क्योंकि रो रही थी काफी देर से। उसके पास ना पीने के लिए पानी था। ना वहां आसपास उसे पानी के नल दिखें । टैक्सी ड्राइवर ने उसको एक बोतल दे दी ।और उसका उसने पानी पी लिया। दोनों साथ-साथ बाहर तक चल रहे थे अचानक से लड़की को चक्कर आने लगते हैं ।और वह गश खाकर इससे पहले गिरती वो लड़का उसे टैक्सी तक लेकर पहुंच जाता है। और उसके बाद उसे जंगल की ओर ले जाता है। जहां ले जाने के बाद उसके साथ बलात्कार करता
है कई घंटे तक उसे अपने साथ रखता है। वह 16 साल की लड़की उसे कुछ होश नहीं था क्योंकि वह नशे में थी ।उसे पानी के रूप में कुछ नशीला पदार्थ पिलाया गया था। इसके बाद जब 3 से 4 घंटे बीत जाते हैं वो टैक्सी ड्राइवर एक लाज में लेकर जाता है। वह एक छोटा सा होटल होता है। उस होटल में जब लेकर जाता है तो वहां पर पहले से ही कुछ लड़के कुछ और युवक इंतजार कर रहे थे। लड़की एक कमरे में जाती है 30 सितंबर की रात 11 बजे यह वाकया शुरू होता है ।और उसके लॉज में जाने के बाद उस लड़की को अंदर कमरे में बंद कर दिया जाता है। और उसके पूरे कपड़े उतार दिए जाते हैं। यानी कि उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था। अब वो लड़की शर्मा रही है। परेशान है और उसके साथ पहले ही बलात्कार हो चुका है ।धीरे-धीरे उसे होश आता है तब तक उसके साथ लगभग 13 लड़के बारी-बारी से रेप कर चुके थे ।दिन निकल आता है और दिन भर यही काम चलता रहता है। एक के बाद एक लड़का आता रहता है और यह सिलसिला लगातार चलता रहता है। शाम हो जाती है ।यानी कि इस कमरे के अंदर वो लड़की लगभग 36 घंटे तक रहती है ।और वो 13 लड़के 36 घंटे तक उसके साथ बलात्कार करते
रहते हैं ।वह भूख से प्यास से तड़पती रहती है ।वह कई बार कहती है कि मुझे खाने के लिए कुछ दे दो। मुझे पीने के लिए पानी दे दो मगर कोई भी उसकी गुहार नहीं सुनता ।उसकी कोई पुकार नहीं सुनता। उसकी चीख की आवाज भी उस कमरे से बाहर जा भी रही थी तो ।ना जाने क्यों वह होटल मालिक या आसपास के लोग उन आवाजों को सुन ही नहीं पा रहे थे। यह भी बताया जा रहा है कि उस लड़की को बार-बार इंजेक्शन दिया जा रहा था। नाशिली चीजें दी जा रही थी जिससे वह शोर ना मचा सके। इस बीच उस लड़की ने बार-बार रिक्वेस्ट करती रही माफी मांगती रही ।
ख़ुद को बचाने की गुहार लगाती रही। इन 13 लड़कों में से एक लड़के को दया आ जाती है। और यह लड़का उस लड़की को ले जाकर मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पर छोड़ देता है। अब यह सारे आरोपी फरार हो चुके थे। इन्होंने सोचा कि शायद अब वो लड़की चली जाएगी। दादर रेलवे स्टेशन पर जाने के बाद वहां 3 सफाई कर्मचारी मिलते हैं। और 3 सफाई कर्मचारी उस लड़की की हालत को देखने के बाद उसके साथ बलात्कार करते हैं। यानी कि अभी वह उन लोगों से बची थी कि 3 सफाई कर्मचारियों ने भी उसके साथ हैवानियत जैसी घटना को अंजाम दे
दिया। दादर रेलवे स्टेशन के सफाई कर्मचारियों ने उसके साथ बलात्कार करने के बाद अपने पास काफी समय तक रखा। और एक ऐसी ट्रेन में बैठा दिया जिस ट्रेन की जो दिशा थी वो उत्तर की ओर जा रही थी। कई सै किलोमीटर का सफर करते-करते लड़की चंडीगढ़ पहुंच जाती है। एक कोने में डरी हुई सहमी हुई बैठी रहती है। इस बीच ना जाने कितने लोग आते हैं जाते हैं मगर किसी भी व्यक्ति की नजर उस लड़की पर पहुंची ही नहीं । वह बहुत बड़ी परेशानी से गुजर रही थी उसकी परेशानी किसी को दिखाई नहीं दी। यह भी किसी ने जानने की कोशिश नहीं की। 72 घंटे से ज्यादा। उसके साथ 13 अलग-अलग लोगों ने। 3 सफाई कर्मचारियों ने बलात्कार किया था उसके साथ इतनी दरिंदगी हुई थी ना जाने क्यों किसी की उस पर नजर ही नहीं जा रही थी। जैसे ही ट्रेन चंडीगढ़ में जाकर रुकती है। एक जीआरपी का पुलिस कर्मी उधर से निकल रहा था अचानक उस लड़की को देखकर पल भर में समझ जाता है कि कुछ तो गड़बड़ है इसके साथ। वो उस लड़की से कहता है कि तुम परेशान हो मैं तुम्हारी कुछ मदद कर सकता हूं। मगर वो लड़की पुरुष जाति के नाम से डरी हुई थी घबराई हुई थी। क्योंकि वर्दी में भी तो एक पुरुष ही
था उसे लग रहा था कि हो ना हो यह भी उसे ले जाकर उसके साथ बलात्कार करेगा ।वह लड़की चंडीगढ़ उतर जाती है क्योंकि उस ट्रेन का लास्ट स्टॉपेज जो था वह चंडीगढ़ ही था। अब वो रेलवे स्टेशन पर उतर जाती है और डरी सहमी एक जगह बैठी होती है। मगर वह पुलिस वाला बहुत अच्छा इंसान था उसने सीडब्ल्यूसी यानी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से संपर्क बनाया। वहां की एक महिला अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंची उस लड़की को खाना खिलाया उसे अपने पास बिठाया ।और कई घंटों तक उसको दिलासा देती रही। एक मां की भूमिका में उस महिला अधिकारी ने कुछ ही घंटों में उसका दिल जीत लिया। दिल जीतने के बाद उस लड़की ने अपनी आप बीति बताई। और पूरी कहानी घर से निकलने से लेकर और चंडीगढ़ पहुंचने तक की ।एक एक वाकया जब बताया तो महिला अधिकारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। और साथ ही जो अधिकारी पुलिस वाला था वो अलग रोते-रोते उसका भी बुरा हाल हो गया ।बात रोने वाली भी थी कि किसी भी बेटी के साथ या बहन के साथ इतनी भयानक वारदात अगर होती है तो शायद आंसुओं के अलावा और कुछ निकलेगा ही
नहीं। निकलेगा तो उन दरिंदों के लिए बद्दुआ। या फिर कानून से सख्त से सख्त कारवाई की मांग की गुहार निकलेगी। उधर जब लड़की अपने घर से अचानक से गायब हो जाती है तो। उसके मां-बाप जो कि बहुत ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। उन्होंने वहीं बनवाड़ी थाने में जाकर अपनी बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई। लेकिन पुलिस यहां की भी वाकई बहुत अच्छी थी । बनवाड़ी थाने की पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और धीरे धीरे उसके बारे में जानने की कोशिश की ।उसका जो मोबाइल नंबर था उसकी सीडीआर निकलवाई ।उस इलाके के जितने भी सीसीटीवी कैमरे थे उनके बारे में पता करने की कोशिश की। मगर उस लड़की के बारे में कुछ पता ही नहीं चल रहा था और पता चलता है तो ।उसके बाद पुलिस ने बड़े ही गंभीरता से बड़ी ही शालीनता से इस मामले की बहुत ही खूबसूरती से जांच की है ।यानी कि इस पूरी कहानी में पुलिस की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है। जैसे ही चंडीगढ़ की पुलिस बानवाडी पुलिस से कांटेक्ट करती है। तो उसके बाद यहां से उस लड़की को हवाई जहाज के माध्यम से मुंबई लाया जाता है। और मुंबई लाने के बाद उसको हॉस्पिटल में एडमिट कराया जाता है ।जितना भी स्टाफ है
टोटल के टोटल लेडीज स्टाफ ही उस लड़की के इलाज में। उसकी खिदमत में उसकी हर जरूरतों को पूरा करने में लगा हुआ है ।क्योंकि वो लड़की पुरुष जाति नाम से डरी हुई है घबराई हुई है। इसके बाद पुलिस ने जो अपने मामले की जांच पड़ताल शुरू की है तो एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया। और आखिरकार पुणे के रेलवे स्टेशन पर एक टैक्सी जाता हुआ मिलता है। उसी में वो लड़की थी और उसी टैक्सी का नंबर उस सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाता है ।पुलिस ने उस आरोपी को जिसकी उम्र लगभग 30 साल थी ।उसको गिरफ्तार किया उसको पकड़ा और एक-एक करके जितने भी लोग थे यानी कि 13 के 13 लोगों को पकड़ा ।उसके बाद इस लड़की ने जो अपना बयान दिया था। दादर रेलवे स्टेशन का उन तीनों सफाई कर्मचारियों को भी पकड़ा। फिलहाल पुलिस ने अभी तक इस मामले में 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की है। जो इस केस से सीधे-सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। मुंबई पुलिस की प्राथमिकता है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। ताकि अगले 10 से 15 दिन में या लगभग एक महीने में इस केस में निर्णय आना चाहिए। और जितने भी दरिंदे हैं जितने भी आरोपी हैं।
सबको फांसी की सजा कम से कम होनी चाहिए। मैं तारीफ करता हूं उस पुलिस को जो जीआरपी पुलिस का सिपाही था। और मैं तारीफ करता हूं उस महिला को जिसने इस लड़की का दिल जीता। जिसने भी लड़की को हॉस्पिटल तक पहुंचाया। और मैं तारीफ करता हूं उस पुलिस को जिसने इस मामले को पांच या छ दिन में ही खोलकर सबके सामने रख दिया। यह कहानी आपको ज्यादा न्यूज़ चैनल पर या फिर ज्यादा अखबारों में देखने को नहीं मिलेगी। क्योंकि मीडिया की जो जिम्मेदारियां होती हैं व कम पूरी कर रही है ।वाकई इस खबर को उठाने की जरूरत थी। लोगों को सचेत और जागरूक करने की जरूरत थी। उस बेटी को न्याय दिलाने की जरूरत थी जो शायद मीडिया इस मामले में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। यह कहानी सुनाने का उद्देश्य किसी की बनावो को ठेस पहुंचाना नहीं है। किसी का दिल दुखाना नहीं है बल्कि आपको सचेत करना है ।आपको जागरूक करना है आप जहां भी रहे अपना ख्याल रखें सुरक्षित रहे। थैंक्स फॉर वाचिंग माय स्टोरी वीडियो
वह बहुत बड़ी परेशानी से गुजर रही थी उसकी परेशानी किसी को दिखाई नहीं दी। यह भी किसी ने जानने की कोशिश नहीं की। 72 घंटे से ज्यादा। उसके साथ 13 अलग-अलग लोगों ने बलात्कार किया। फिर 3 सफाई कर्मचारियों ने बलात्कार किया था उसके साथ इतनी दरिंदगी हुई थी ना जाने क्यों किसी की उस पर नजर ही नहीं जा रही थी। जैसे ही ट्रेन चंडीगढ़ में जाकर रुकती है। एक जीआरपी का पुलिस कर्मी उधर से निकल रहा था अचानक उस लड़की को देखकर पल भर में समझ जाता है कि कुछ तो गड़बड़ है इसके साथ। वो उस लड़की से कहता है कि तुम परेशान हो मैं तुम्हारी कुछ मदद कर सकता हूं। मगर वो लड़की पुरुष जाति के नाम से डरी हुई थी घबराई हुई थी। क्योंकि वर्दी में भी तो एक पुरुष ही था उसे लग रहा था कि हो ना हो यह भी उसे ले जाकर उसके साथ बलात्कार करेगा ।वह लड़की चंडीगढ़ उतर जाती है क्योंकि उस ट्रेन का लास्ट स्टॉपेज जो था वह चंडीगढ़ ही था। अब वो रेलवे स्टेशन पर उतर जाती है और डरी सहमी एक जगह बैठी होती है। मगर वह पुलिस वाला बहुत अच्छा इंसान था उसने सीडब्ल्यूसी यानी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से संपर्क बनाया।
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