भाई बहन की Romantic story
👉यह कहानी काल्पनिक केवल मनोरंजन के लिए है मेरा उद्देश किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है🙏मे री दीदी कभी-कभी मुझे आंख भी मार देती थी। वैसे तो वो रिश्ते में मेरी दीदी सगी नहीं लगती थीं, मगर वो मुझसे ऐसा व्यवहार करतीं थीं,कि जैसे में उनका देवर हूं।दीदी बार बार मेरी तारीफ करती थीं पिंयूस तुम्हारी बॉडी कितनी अच्छी है, पिंयूस तुम बहुत हैंडसम दिखते हो।उनका तारीफ करना मुझे भी बहुत अच्छा लगता था।अब दीदी मुझे जब भी टच करती थीं तो मुझे वो प्यार वाली फीलिंग आने लगी थी। वो जब भी मुझे अकेले देखती तो मेरा गाल खींच लेती, तो कभी काट लेती थीं।अब दीदी कि हरकतें कुछ ज्यादा ही बदल रहीं थीं।एक दिन दीदी मुझसे बोलीं पिंयूस क्या तुमने कभी कोमल चिड़िया देखी है। मैंने कहा नहीं दीदी ये कोमल चिड़िया कैसी होती है। फिर वो बोलीं अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हें कोमल चिड़िया दिखा सकती हूं। मैंने कहा ठीक है। दिखाओ। वो बोलीं ऐसे नहीं।यहां घर में सभी लोग हैं।मैंने कहा तो क्या हुआ बाकी सब लोग भी देख लेंगे।बोली नहीं पागल अगर सारे लोग देख लेगे तो चिड़िया डर जाएगी मैंने कहा तो कहां दिखाओगी। वो बोलीं अपने गांव के बाहर जो खंडहर वाला मकान है कल 10 बजे दिन में तुम वहां पर आ जाना फिर तुम्हें चिड़िया दिखाऊंगी। मैं गांव के बाहर खंडहर वाले मकान में गया। दिन के करीब 10 बज के 8 मिनट हो रहे थे।चारो तरफ बस सून सान ही था, मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था। मगर दीदी कि चिड़िया देखने कि खुशी में मुझे कुछ भी नहीं सूझ रहा था।मेरी दीदी के पास जो चिड़िया थी उसे देखने के चक्कर मे मैं एक दम दिवाना हो गया था। मैं उस मकान के अंदर गया। तभी किसी ने मुझे पीछे से दबोच लिया। मैं एकदम डर गया। फिर मुड़कर देखा तो मेरी दीदी थीं।वो बोलीं अरे पागल चिल्ला क्यों रहे हो मैं हूं। मैंने कहा दीदी तुम तो बड़ी सजधज कर आई हो। कितनी सुन्दर लग रही हो। वो बोलीं अच्छा अब टाइम बर्बाद न करो चलो जल्दी से अपने वो उतारो। दीदी बड़ी उतावली हो रहीं थीं। अपने खेत जोताने के लिए।और हो भी क्यों ना आखिर दीदी कि शादी के दो महीने बाद ही मेरे जीजा मुम्बई जो चले गए थे। इसलिए दीदी कि जमीन पूरी कि पूरी बंजर ही पड़ी थी,और उस पर हल चलाने वाला कोई नहीं था।लेकिन जीजा के मुम्बई जाने पर मेरा फायदा जरूर हो रहा है। मैंने जल्दी से अपने वो उतार दिए। और अपना वो निकाल कर दीदी के सामने कर दिया।दीदी बोलीं वाह मेरे भाई इस हल से मेरा खेत जोतने पर काफी नमी आजाएगी। इतना कहने के बाद वो मुझे कोमल चिड़िया दिखाई क्या बताऊं दोस्तो जब मेरी दीदी कि नई नई सादी हुई थी। वो बहुत ही ज्यादा खूबसूरत थीं जैसे कोई परी लेकिन वो
स्वभाव कि भी बहुत अच्छी थीं। दीदी कि शादी के ठीक दो महीने बाद ही जीजा किसी काम से मुम्बई चले गए। जीजा जब जा रहे थे, तो मुझसे कह गए थे, कि अपनी दीदी का अच्छे से ध्यान रखना। अब ये मेरी पत्नी है।मैंने भी कह दिया था, जीजा आप बिल्कुल फिकर मत करो मैं दीदी का पूरा ध्यान रखूंगा। जीजा के जाने के बाद अब घर में सिर्फ मैं और दीदी अकेले रहते थे। मेरी दीदी थोड़ा मजाकिया मूड कि है ऐसे ही एक दिन मैं बाथरूम में नहा रहा था, तभी दीदी भी उसी समय आ गयी।वो बोलीं पिंयूस थोड़ा जल्दी नहा कर निकलो मुझे भी नहाना है। मैं नहा कर निकला दीदी मुझे तिरछी निगाहों से देख कर मुस्कराने लगीं।मैंने कहा क्या हुआ दीदी आप ऐसे क्यों हंस रही हो।वो बोली नहीं कुछ नहीं बस यूं ही। मैं अपने रूम में आकर कपड़े बदलने लगा।थोड़ी देर बाद मैं कपड़े पहन कर बाहर आ गया।मैंने देखा दीदी नहाकर अपने गीले बालों को सुखा रही थीं। मुझे देख कर दीदी बोलीं। पिंयूस अगर मेरा बस चलता तो मैं तुमसे शादी कर लेती। मैंने कहा क्या दीदी अगर तुम मुझसे शादी कर लेती तो मेरे जीजा का क्या होता। वो बोलीं अरे उन्हें कोई और लड़की मिल जाती। कम से कम इसी बहाने हम भाई बहन हमेशा एक साथ तो रहते। मैंने कहा हां ये बात भी सही है।फिर वो बोलीं अच्छा एक बात बताओ पिंयूस तुम कभी हमें कहीं घुमाने नहीं ले गए ये तो गलत बात है। मैंने कहा दीदी अगर आप मेरी बीवी होती तो जरूर ले चलता।वो बोलीं तो क्या हुआ मुझे अपनी गर्लफ्रेंड ही बनालो।मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था, कि दीदी मुझे अपनी तरफ से ही आफर दे रहीं थीं। मैंने कहा दीदी एक बार फिर सोच लो गर्लफ्रेंड बनोगी तो वो सब मेरे साथ करना पड़ेगा जो एक गर्लफ्रेंड ब्वायफ्रेंड करते हैं। वो बोलीं ठीक है तुम जो कहोगे मैं वो करूंगी, वैसे भी तुम्हारे जीजा अब जल्दी नहीं आने वाले जब तक तुम ही उनकी जमीन कि जुताई करना हम और दीदी ने खूब सारी बातें कि फिर साम को हम दोनों खाना खाकर सो गए।अचानक से दीदी चीखने लगी दीदी का कमरा मेरे बगल में था। तो मैं दौड़कर उनके कमरे में गया, तो देखा वो एक कोने में सिमट कर खड़ी थीं। मैंने कहा क्या हुआ दीदी चिल्ला क्यों रही हो। वो डरते हुए अपने बेड कि तरफ इशारा करने लगी।बेड के ऊपर एक काक्रोच गिरा था। मैंने उसे भगा दिया।फिर दीदी दौड़कर मुझसे लिपट गई। मुझे कुछ अजीब सा लगने लगा मैंने तुरंत दीदी को अपने आप से छुड़ा दिया। और अपने कमरे में चला गया। सुबह दीदी मेरे लिए चाय लेकर आई और बोलीं पिंयूस अगर तुम रात को नहीं आते तो मैं मर ही जाती। मैंने कहा छोड़ो दीदी उस बात को। वो बोलीं अच्छा पिंयूस एक बात बताओ तुमने कभी जन्नत कि सैर की है। मैंने कहा नहीं तो ये जन्नत कि सैर कैसी होती है, वो बोलीं चलो अभी जाने दो जब मौका आएगा तो तुम्हें जन्नत की सैर जरूर कराऊंगी। तभी वो बोलीं अच्छा तुम जल्दी से तैयार हो जाओ हम कहीं बाहर घूमने चलते हैं। फिर मैं जल्दी से नहा धोकर रेडी हो गया। मैं और दीदी एक खूबसूरत सी जगह घूमने गए।हमें घर वापिस आने में साम के 10 बज गए थे।हमने शाम का खाना भी होटल से पैक करवा लिया था। ताकि घर पे खाना बनाना ना पड़े। हम लोग काफी थके हुए थे, बिस्तर पर गिरते ही हमें नींद आगई। सुबह मेरी आंख खुली तो मैं हैरान हो गया। और तेजी से हड़बड़ा कर खड़ा हो गया।मैंने देखा दीदी भी मेरे बगल में लेटी थीं। मैं तुरंत अपनी दीदी को जगाने लगा। वो आंखें मीजती हुई उठीं और बोलीं पिंयूस आज सोने में मजा आ गया। अब मेरा और दीदी का ब्यवहार एक पती पत्नी कि तरह हो गया था। मैंने सोचा एक ना एक दिन ये बात हमारे घर वालों को जरूर पता चल जाएगी। अगर ऐसा हुआ तो हमारी बहुत बदनामी होगी। फिर अगले दिनसे मैं दीदी से कम बोलता था। उनके ऊपर ज्यादा ध्यान भी नहीं देता था। मगर दीदी बार बार मुझसे मजाक वाली बातें करतीं। वो घुमा फिरा के मुझसे अपनी जमीन पर हल चलवाना चाहती थीं।कभी-कभी तो वो रात में जानबूझकर मेरे बगल में आकर लेट जाती थीं। फिर मैंने फैसला किया, कि जबतक मैं दीदी के पास रहुगा वो मेरा फायदा उठाने का जरूर सोचेंगी। फिर मैं अगले ही दिन बिना दीदी को बताए घर से चला गया। फिर कभी लौटकर वापस नहीं आया तो दोस्तों ए थी छोटी सी रोमांटिक स्टोरी, अगर आपको यह स्टोरी पढ़ना है तो शिवांग देव वेबसाइट पर सकते हैं जो कहानी का लिंक वीडियो के डिस्क्रिप्शन में है, प्लीज वीडियो लाइक करें चैनल को सब्सक्राइबर करें
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