Best hindi kahani | mami and Bhanja
मेरी बड़ी नंद का बेटा 20 साल का था और मेरा पति 46 साल का था नंद के बेटे को देखते ही अपने दिल को काबू में ना कर पाई जब पति काम से सहर गया तो मैं अगली रात नंद के बेटे कमरे में चली गई। मैं बस अपना ख्वाहिश पूरा करना चाहती थी जैसे ही नंद के बेटे पास लेटी तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए क्योंकि. आज मेरा भांजा मेरे घर आया था बहुत ही नौजवान और खूबसूरत साथ में हैंडसम भी था। आज मेरा पति कुछ काम के सिलसिले में 4 से 5 दिन के लिए शहर से बाहर गया हुआ था। अपने भांजे को देखकर मेरे दिल में कुछ-कुछ होने लगा उसकी जवानी मुझे पागल करने लगी। मेरा नाम उमा है मैं बहुत ज्यादा खूबसूरत लडकी थी जब मेरी शादी तय हुई मैं 18 साल की थी और मेरा पति 25 साल का था मुझे मेरा पति बिल्कुल भी पसंद नहीं था। लेकिन मैं कर भी क्या सकती थी मम्मी पापा की वजह से मजबूरन मुझे यह शादी करनी पड़ी ना चाहते हुए भी मुझे यह रिश्ता निभाना पड़ा। लेकिन आज तक मैं अपने पति से वो वाला भरपूर प्यार ना पाई मेरे अंदर एक अलग सी ख्वाहिश थी खैर मेरी ख्वाहिश तो ख्वाहिश ही रह गई। रोज की तरह मेरे दरवाजे की बेल बजी तो मैं फौरन ही दरवाजा खोलने चली गई । सोचा कि हो सकता है पति आए होंगे लेकिन दरवाजा खोलते ही मेरी निगाह उस नौजवान लड़के को निहारे जा रही थी। वह था ही बहुत खूबसूरत अगर कोई उसे देख ले तो उसकी निगाह उसके ऊपर से हटाने का दिल ना करें इतना ज्यादा खूबसूरत था कि अपने आप मेरी जवानी अंगड़ाई ले रही थी। थोड़ी देर के बाद मेरे पति का नाम लेकर पूछने लगा और नजरें झुका कर मुझे देखने लगा। मै अपने घर पर अकेली रहती थी और मेरे घर पर पति के अलावा कोई नहीं था। इसलिए मैं दुपट्टा नहीं डालती थी लेकिन जब उसकी नज़रों ने मुझे एहसास दिलाया तो मैं फौरन एक दुपट्टे को ओढ़ कर खड़ी हो गई ।मैं हैरत से उस लड़के को देखे जा रही थी क्योंकि इससे पहले मैंने कभी उसे नहीं देखा था आज तक मेरे घर पर कोई इतना हैंडसम नवजवान लड़का नहीं आया था । आखिरी यह कौन था थोड़ी देर के बाद मेरे पति बताने लगे कि यह दूर के रिश्तेदार है जो रिश्ते में मेरे बहन का लड़का लगता है । नाम उसका सहील था उसने एक भी नजर उठा कर मेरी तरफ नहीं देखा था जब से आया था नजरें झुकाए खड़ा था ।पति कहने लगा मुझे इसको यहां पर नौकरी दिलवानी है जब तक इसको नौकरी नहीं मिल जाती यह हमारे साथ हमारे घर पर ही रहेगा। और तुम्हारे साथ छोटे-मोटे काम भी करवा दिया करेगा तुम्हारे हर एक काम में हाथ बटा दिया करेगा। जब इसको नौकरी मिल जाएगी तो सहील यहा से चला जायेगा । यह बात सुन के मुझे बुरा लगना चाहिए था क्योंकि मैं घर पर अकेली ही रहती थी। पति तो हर वक्त काम के सिलसिले में घर से बाहर रहते थे । लेकिन अपने पति के इस फैसले से मैं बहुत खुश थी मैने कहा आप ने तो बहोत अच्छा किया। मुझे घर के काम करने में बहुत मुश्किल होती थी । और फिर जब बाजार से सामान लाना होता है तो मैं थक जाती हूं।वह कहने लगे हां इसीलिए तो मैने इसे यहां पर लेकर आया ताकि तुम्हें बाहर न जाना पड़े तुम बाहर के सारे काम सहील से करवा सकती हो । और घर के भी छोटे-मोटे काम भी करवा लिया करो हमारा घर बहुत बड़ा तो नहीं था की सहील के लिए कोई कमरा होता इसलिए मेरे पति ने घर का स्टोर रूम सहील के लिए खाली कर दिया। और मेरे पति ने सहील के लिए स्टोर रूम में रहने का व्यवस्था कर दिया फिर मेरे पति ने एक प्लेट में खाना लिया और सहील के स्टोर रूम में देने के लिऐ चले गये । जब वापस आये तो मुझसे कहने लगे कि जब कोई काम ना हो तो इसे घर में ज्यादा घूमने फिरने मत देना। इससे कहना यह स्टोर रूम में रहा करें मैंने कहा ठीक है ना जाने क्यों मेरे अंदर एक अजीब सा यहसास जन्म ले रही थी। मुझे पूरी रात सुकून से नींद नहीं आई थी आंखें बंद करती तो सहील का चेहरा मेरी आंखों के सामने आने लगाता था। न जाने क्यों बस मैं यही सोचती कि जल्दी से सुबह हो और मेरा पति घर से बाहर चला जाए मुझे सहील का चेहरा दीवाना बना कर रख दिया था। सहील जितना जवान और खूबसूरत था। आज तक मैंने किसी को नहीं देखा था बस मुझे इस बात की टेनसन थी कि कैसा अजीब नवजवान लड़का था क्योंकि एक बार भी मेरी तरफ उसने नजर उठाकर भी नहीं देखा था। अगले दिन सुबह में जल्दी उठ गई थी मै किचन में नाश्ता बना रही थी और मेरे पति ने स्टोर रूम के दरवाजे पर गये तो सहील को बुला कर लाये मेरे पति ने कहा कि जाओ घर का सामान लेकर आओं। और अपनी मामी के साथ जरूरी काम करवा लिया करो फिर मैं तुम्हें बाहर ले जाऊंगा। यह सुन कर मैं परेशान सी हो गई मेरा पति उसे बाहर क्यों लेकर जा रहा था। वह तो कह रहे थे
Hindi kahani and storyइसे जब तक काम न मिल जाए यही पर रखने वाले थे मै गैस बंद करके बाहर आ गई । मैंने कहा कि आप इसे कहा लेकर जा रहे हैं जब तक
काम ना मिल जाए तब तक तो घर में ही रहने वाला था। मेरी बात सुनकर मेरा पति कहने लगा कि इसे जब मैं बाहर लेकर जाऊंगा तभी तो पता चलेगा यह कौन सा काम कर सकता है। जब मैं अपने साथ रखूंगा फिर इसको काम करने का आईडिया धीरे-धीरे पता चल जाएगा। जब मैं शाम को घर वापस आऊंगा तो इसे भी अपने साथ लेकर आऊंगा। और शाम को भी तुम्हारे साथ जो काम होगा करवा दिया करेगा यह सुन के मैं उदास रह गई थी मैंने नाश्ता उदासी से बनाया। सहील किचन में आ गया। कहने लगा मामी कोई काम है तो बता दीजिए मैं पलट के उसकी तरफ देखा तो सहील नजरें झुकाए हुए बात कर रहा था। जब उसने मामी कहाँ तो मेरे तन
बदन में आग सी लग गई थी। मैने कहा मुझे मामी मत कहा करो मुझे मेरा नाम लेकर बुलाया करो मेरा नाम उमा है। कुछ देर के बाद नाश्ता करके आज मेरे पति सहील को अपने साथ लेकर चले गये। ना जाने क्यों आज का दिन बड़ी मुश्किल से मैंने काटा था ऐसा लग था कि जैसे वक्त थम गया हो । मैं बार-बार घड़ी की सुइयां देखती रही लेकिन घर के कामों से मुझे फुर्सत नहीं मिलती थी दिन बहुत जल्दी से निकल जाता था लेकिन आज तो मैं परेशान सी हो गई थी । मैं अपनी बेचैनी से बहुत परेशान थी बार-बार मुझे सहील का ख्याल आ रहा था। जैसे ही शाम को मेरे पति का आने का वक्त हुआ मैं जल्दी से कमरे में गई एक अच्छी सी साड़ी पहनी और मेकअप साथ साथ अपने बाल भी खुले छोड़ दिए। हालांकि मेरी शादी को 5 साल हो चुके थे और मैं अपने पति के लिए कभी तैयार नहीं हुई थी शादी के शुरू के दिनों में ही एक महीने तक मैं खुद को सजाया था लेकिन इसके बाद मे घर के कामों ढल के रह गई थी । लोकन न जाने क्यों आज मेरा दिल चाहा कि अपने आप को सजू सवारू लेकिन मेरी गिनती खूबसूरत औरतों में होती थी मेरी उम्र 30 साल के लगभग थी। लेकिन मैं बेहद खूबसूरत थी देखने वाले मुझे शादीशुदा भी नहीं समझते थे । जब मैं अपने पति के साथ कहीं जाती तो सभी लोग मुझे हैरत भरी नजरों से देखते थे। क्योंकि मेरा पति देखने में खूबसूरत नही था मोटा भद्दा नाटा दिखता था । और नाक नक्स कुछ खास नही थे और मैं एक हसीन औरत थी मेरे पति की ढलती जवानी को देखकर मेरे अंदर एक अजीब सी ख्वाहिश फूट रही थी ।जैसे मेरा पति घर में दाखिल हुआ मुझे देखकर वह हैरान रह गया था ।लेकिन मेरी नजरे तो उस पर ही टिकी हुई थी पूरा दिन मैं न जाने कैसे काटा था । लेकिन वह बड़ा अजीब लड़का था एक नजर उसने मुझ पर डालकर नहीं देखा। और यह बात मुझे अंदर ही अंदर खलती गई बल्कि मेरा पति मुझे देखकर बड़ा खुश था। खाना खाने के बाद कहने लगा ऊमा आज मै तुम्हे कही बाहर लेकर चलता हु। तुम बहुत अच्छी लग रही हो लेकिन मैं इनके लिए तैयार नहीं हुई थी। जिसके लिए मैंने तैयारी की थी उसने तो मुझे एक बार भी नही देखा था । मैं चाहती थी वह मुझे देखें और देखकर अपने होश खो बैठे । क्योंकि मैं भी खूबसूरत हसीन कामशीन औरत थी। लेकिन वह तो सीधा स्टोर रूम में चला गया । मैंने अपने पति से कहा कि मेरी तबियत कुछ ठीक नही है मुझे कहीं नहीं जाना यह कहकर मैं अपने कमरे में चली गई। मै चूड़ियां उतार कर सामने ड्रेसिंग पर फेंक दी अपनी ज्वेलरी उतरी बालों का जुड़ा बनाकर बालों में क्लैचर लगा लिया । और कपड़े भी बदल लिए मुंह भी धोए। यह सोचते हुए सहील को अपने बस में कैसे करु मेरा दिल बहुत उतावला हो रहा था। मेरे दिमाग में अपने पति के ख्याल भी नहीं थे पति के उठने से पहले मैं छत पर चली गई। और जोक पड़े सूख गए थे उसे उतारने लगी और जानबूझकर अपना पांव मोड़ दिया और मैं अपना पैलेस ना बना पाई मैं सीडीओ से गिर गई। मेरे पैर पर अच्छी खासी चोट आ गई थी मैं रोने लगी चिल्लाने लगी । मेरा पति अपने कमरों से निकल कर बाहर आ गए मुझे मेरे पति ने जब छत की सीडीओ से नीचे गिरते हुए देखा तो वो दौड़कर मेरे पास आए मैं सचमुच में अपने पैर की हड्डी तुड़वा चुकी थी। मेरा पति मुझे सहारा देते हुए गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले गया डॉक्टर ने बताया कि मेरे पांव की हड्डी टूट चुकी है। मेरे पैर पर प्लास्टर बांध दिया गया और मैं बेड पर आ गई। मेरा पति बहुत परेशान था कहने लगा कि अब मैं काम पर कैसे जाऊं ऐसा करता हूं सहील को भेज देता हूं।लेकिन इसे कितना दिन हुए कम पर जाए वह तो ठीक से कर भी नहीं पाएगा। मैंने कहा कि आप अपने काम पर चले जाइए इस लड़के को यहां पर छोड़ जाए । अगर मुझे किसी चीज की जरूरत होगी तो मैं इसे कह दूंगी। मेरा पति भीमे री बात मान गया वह काम पर चला गया ।और
Old hindi story
मैं बेहद खुश थी हालांकि मेरे पांव से दर्द उठ रही थी मेरा घुटना हिलने से इनकार कर रहा था। लेकिन मेरा दिल बड़ा ही बेफिक्र था। पति के जाते ही मैंने सहील को पुकारा। और साथ ही अपना दुपट्टा उतार कर सामने सोफे पर फेंक दिया। जैसे ही वह मेरे कमरे में आया और कहने लगा कि जी कहिए मैं चाहती थी वह मेरे पास आ जाए। थोड़ी देर के बाद कहने लगा क्या चाहिए आपको वैसे मैंने खाना बना दिया है। मुझे खाना पकाना आता है और मैने घर की साफ सफाई भी कर दीया है। मैंने उससे कहा कि इधर बैठो यह सुनकर उसकी नजर मुझ पर पड़ी थी ।लेकिन उसने फौरन ही अपनी नजर फेर ली थी और तीन चार कदम पीछे हट गया । कहने लगा अगर आपको किसी चीज की जरूरत हो तो मुझे बुला लीजिएगा । मुझे सहील पर गुस्सा आने लगा मैंने कहा मेरे पैर में बहुत ज्यादा दर्द है और मुझे कमरे में घबराहट सी हो रही है मुझे बाहर हाल में बैठना है। मुझे सहारा देकर बाहर बैठा दो मैं चाहती थी कि वह मेरे करीब आए। यह सुनकर वह हैरत का शिकार हुआ था वह कहने लगा कि मैं ऐसा नहीं कर सकता। रात को मामा जी आएंगे तोही आप बाहर आ सकती है यह कहकर वह कमरे से बाहर निकल गया मुझे उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था। वह मेरी तकलीफ क्यों नही समझ रहा था। जितना मैं उसके पास जाने की कोशिश करती उतना ही वह मुझसे दूर भागता था ।लेकिन एक दिन मुझे मौका मिल गया जैसे ही मेरा पति घर से बाहर गया तो मैं चीखने और चिल्लाने लगी। जैसे मैं बेड से नीचे गिर गई हू सहील जैसे ही कमरे में दाखिल हुआ। मैं चिल्लाने और चीखने लगी रोने धोने का ड्रामा करने लगी वह मेरे पास आ गया ।मेरे हाथ को पकड़ते हुए सहारा देना पड़ा जैसे ही उसने मेरा हाथ पकड़ा और मेरी कमर पर हाथ रखकर मुझे उठाने की कोशिश करने लगा। उसकी इस हरकत पर मेरा दिल खूब मचलने लगा मैं बेहद खुश थी उसने मुझे बेड पर लिटाया। फिर तो मै यह सिलसिला ही पकड़ लिया था मैं बार-बार उसे पुकारती वह बेचारा मजबूरन मुझे सहारा देता । मैं चाहती थी कि मेरे करीब आकर वह बैचन हो और फिर एक मर्द को कोई औरत के इतने करीब होने से कुछ ना कुछ होता है। इसके दिल में भी हलचल मचनी शुरू होगी असल में इंसान को जो चीज मिलनी चाहिए जिसमें उसकी ख्वाहिश हो वह चीज तो परेशान कर देता है। मेरा भी यही मसला था मेरी शादी को 8 साल बीत गए थे लेकिन औलाद नहीं थी मैं अभी प्रेग्नेंट नहीं हो पाई थी। मेरे पति ने आज तक कभी मुझे इस बात का ताना नहीं दिया था मैं। बहुत खूबसूरत औरत थी इसलिए जब भी किसी महफ़िल में जाती थी तो । नौजवान खूबसूरत लड़कों को देखकर मेरी नज़रें उनके आसपास घूमती रहती थी। मैं हसीन और नौजवान को देखकर प्यार भरे आए भर्ती थी ।उस वक्त मुझे अपने साथ बैठा अपना पति बहुत बुरा लगता था कभी लगता कि मैने यह शादी करके बहुत बड़ी गलती कर दी मुझे यह शादी नहीं करनी चाहिए थी। मुझे अपनी मम्मी पापा के फैसले पर शादी करके बहुत अफसोस हो रहा था । मेरा पति खूबसूरत नहीं है क्योंकि हर इंसान को सब चीज तो नहीं मिलती है। मुझे लगा था कि वक्त के साथ-साथ मेरे दिल की यह ख्वाहिश खत्म हो जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ मुझे कभी भी मेरा पति अच्छा नहीं लगता था यहां तक की मैं एक अच्छे बड़े घर में रहती थी।मेरे कमरे में एसी वगैरा लगा हुआ था खाने पीने के हर एक चीज का व्यवस्था था। पैसा खर्च करते हुए मुझे सोचना भी नहीं पड़ता था लेकिन मुझे अपने पति के साथ रहना अच्छा नही लगता था। मुझे वह बिल्कुल भी पसंद नही था
Niw Best hindi kahani
जितना वक्त मेरा उसके साथ गुजारा मैं एक दिमागी तकलीफ से गुजरती थी।* उस वक्त ना तो मुझे कुछ अच्छा लगता था और ना ही वह बड़ा घर ,, कभी-कभी मुझे या लगता ।कि शायद मैंने गलती की अगर मेरा पति मेरी मनपसंद होता तो। शायद मैं उसके साथ एक कमरे में भी हंसी-खुशी गुजारा कर लेती। उससे जी भर के बातें करती मेरी ख्वाहिश मेरे अंदर ख्वाहिश बनकर ही रह गई । सहील को देखकर मुझे लगा कि बस मेरी तलाश खत्म हो गई है मैं चाहती थी कि वह भी मेरे तरफ देखें और आहे भरें। लेकिन नजर ही नहीं उठा कर देख रहा था मैं तो उसकी आंखों में अपने लिए। मोहब्त देखना चाहती थी अब मेरा पांव काफी हद तक ठीक हो चुका था। प्लास्टर भी उतर चुका था लेकिन मैं जानबूझकर चीखने लग जाती थी। ताकि वह मुझे सहारा दे मेरा पति कहने लगा कि मैं तुम्हें दुबारा से टेस्ट करवा देता हूं । ताकि तुम्हारे लिए चलना फिरना आसान हो जाएगा और डॉक्टर ने तो कहा है कि तुम अपने पैर पर वजन रख सकती हो । मैने गुस्से अपने पति के तरफ देखने लगी मैंने कहा की डॉक्टर को क्या पता कि मुझे क्या तकलीफ है उसका क्या है वह तो जो चाहे कह देंगे। लेकिन मैं यह ड्रामा कब तक कर सकती थी मैं अपने पति से पीछा छुड़वाना चाहती थी। एक बार जब मेरा पति काम पर चला गया तो मैंने देखा कि सहील अपने मोबाइल पर किसी से बात चीत कर रहा है। इसके पास एक छोटा सा मोबाइल था लेकिन वह बात करने में बिजी था मेरा पांव अब चलने फिरने के काबिल था । मैं जान बूझकर धीरे-धीरे चलती हुई स्टोर रूम के दरवाजे तक चली गई। वह किसी से कह रहा था कि मैं बहुत जल्द मां को तुम्हारे घर भेजूंगा अब तो मेरी नौकरी भी मिलने वाली है। तुम्हारे पिताजी भी इनकार नहीं कर सकते मैने बहुत बड़ी रकम भारी है ।मैं शादी करके तुम्हें शहर ले आऊंगा अभी मैने इतना ही सुना था की मेरे होश उड़ने लगे। मैं तो सहील से बेहद मोहब्बत करने लगी उससे जुदा नहीं हो सकती थी ।मैं
चाहती थी कि वह मुझसे मोहब्बत करें लेकिन वह तो शायद किसी और लड़की के चक्कर में था ।मैं धीरे-धीरे चलती हुई अपने कमरे में चली गई मुझे इस वक्त सब कुछ बुरा लग रहा था मेरा जी चाह रहा था कि वह लड़की मेरे सामने आ जाए तो मैं उसका गला घोट कर मार डालूं ।सहील मेरे अलावा कैसे "" किसी लड़की से मोहब्बत कर सकता है ।मैं आईने के सामने अपने आप को देखने लगी मैं बहुत खूबसूरत थी यह कैसे मुमकिन है कि मैं सहील को अच्छी ना लगू वह कैसे मेरे अलावा किसी भी दुसरी लड़की की तरफ देख सकता है। फिर मेरे दिमाग में आने लगा की हो सकता है वह लड़की बहुत खूबसूरत होगी। मुझसे भी ज्यादा हसीन होगी फिलहाल जो भी है मैं यह बात बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। गुस्से से मेरी आंखों से आंसू बहने लगे मैं सहील को आवाज दे कर अपने कमरे में बुलाने लगी। जब सहील ने मुझे सही सलामत अपने पांव पर खड़ा देखकर वह कुछ हैरान हुआ था। कहने लगा मामी जी आप ने मुझे क्यों बुलाया है। मैंने कहा अंदर आओ मुझे तुमसे कुछ बात करनी है। वह अंदर दाखिल हो गया मैंने उसे कहा कि मैं तुमसे मोहब्बत करती हूं यह सुनकर तो हैरान हो कर रह गया। सुहेल पहली बार नजर उठा कर मेरी तरफ देख रहा था लेकिन वह भी नफरत भरी लब्ज़ में कहने लगा शर्म नहीं आती। मुझसे इस तरह की बातें करते हुए। मैंने कहा तुम हो ही इतने हसीन इसमें मेरा क्या कसूर फिर मैंने अपने अलमारी से बहुत सारे
Romantic hindi kahani
रुपए निकाल कर दे दिए यह देखकर सहील बहुत ज्यादा हैरान हो गया मैंने कहा मैं तुम्हें नोटों से भर दूंगी अगर तुम मेरी ख्वाहिश पूरी कर दो. मेरी बात सुनते ही उसने जोरदार थप्पड़ मेरे मुंह पर मार दिया उसने कहा मामा को सब कुछ बता दूंगा। कि आपकी क्या सोच है मैं तो हमेशा आप को मामी मा की तरह समझता था तुमको तो शर्म नहीं आती हैं । मेरे बारे में ऐसा सोचते हुए और आप यह बात कैसे कर सकती हैं आप तो खुद एक शादीशुदा है आपके मुंह से ऐसी बातें शोभा नहीं देती हैं। लेकिन मै भी गुस्से से कहा कि मैं कुछ नहीं जानती बस इतना जानती हूं कि मैं तुमसे मोहब्बत करती हूं। और मैं तुम्हारे प्यार में पागल हो चुकी हूं । मुझे हर हाल में तुम्हारा साथ चाहिए तुम मेरे अलावा किसी और के साथ शादी भी नहीं कर सकतें हो अगर तुमने मेरे पति से कुछ भी कहने की कोशिश की तो मैं तुम्हारा बहुत बुरा हाल करूंगी ।मैं सहील की दीवानी हो चुकी थी मुझे उसके अलावा कुछ नहीं दिखता था । मैं भी चीखती चिल्लाती हुई उससे बात कर रही थी । थोड़ी देर के बाद वो मेरे कमरे से चला गया। जब सुबह हुई तो मेरे पति से बात कर रहा था मेरे पति से कहने लगा कि मैं अब अपने घर जाना चाहता हूं। मैं यहां पर कोई भी काम नहीं कर सकता मुझे नौकरी नहीं करनी है। मैं आज और अभी अपने घर के लिए निकल रहा हूं ।फिर मेरे पति कहने लगे तुम यह कैसी बातें कर रहे हो तुम्हें तो पता है ना कि तुम्हारी नौकरी मिलने वाली है। और वैसे भी तुम्हारे नौकरी के पीछे दो से तीन लाख रुपया खर्च हो चुका है। और तुम नौकरी नहीं करोगे तो मेरा पैसा कैसे चुका पाओगे लेकिन सहील ने गुस्से से कहा मैं कुछ नहीं जानता। बस मुझे यहां पर नहीं रहना मैने भी कहा ठीक है लेकिन तीन से चार दिन तक तुम्हे मेरे घर पर ही रहना होगा। क्योंकि मैं कुछ काम के सिल सिले में शहर जा रहा हूं । जब तक मैं वापस लौटकर न आजाऊं तब तक तुझे मेरे घर पर ही रहना होगा जब मैं घर वापस आ जाऊंगा उसके बाद से तुम यहां चले जाना। मेरा पति तो 4 से 5 दिन के लिए घर से बाहर जा रहा था यह सुनकर तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गई थी खुशी से झूमने लगी थी। मेरे मन में बस एक ही सवाल आ रहा था कि मैं इतने दिनों में अपनी हर एक
Long emotional story
इच्छा पूरी कर सकती हूं। सहील से हर एक तरीके से अपनी ख्वाहिश पूरी करवा सकती हूं सहील यह बात सुनकर बहुत ज्यादा परेशान हो गया था । लेकिन मैं अगले ही सुबह अपने पति का बैग पैक कर दिया। लेकिन मेरे पति मुझसे कहने लगे कि तुम सहील का थोड़ा ध्यान रखना। कहीं यह भाग ना जाए मैंने कहा आप फिक्र मत करिए मैं उसे कहीं नहीं जाने दूंगी। जब तक आप वापस ना आ जाते तब तक इसे मैं कमरे से बाहर भी नहीं निकलने दूंगी ।थोड़ी देर के बाद मेरा पति घर से निकल गया और सहील भी मेरे पति को छोड़ने चला गया। जब घर लौटा तो मैं गुलाब की तरह महकते हुए सहील के सामने खड़ी हो गई। लेकिन उसने तो मेरी तरफ एक नजर ही नहीं डाला सीधा ही अपने स्टोर रूम में चला गया और अंदर से दरवाजा भी बंद कर लिया। यह सब देखकर मुझे बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था । इतनी मुश्किल से तो मेरा पति घर से बाहर गया था। मैं भी उसके पीछे-पीछे दरवाजे तक पहुंच गई और बाहर से कहने लगी सहील प्लीज दरवाजा खोल दो। लेकिन जैसे ही मेरी आवाज सहील के कान तक गई। उसने फौरन ही कहा आप ।यहां से चली जाए मैं दरवाजा नहीं खोलूंगा लेकिन फिर भी थोड़ी देर तक मैं उसका दरवाजा खट खटाती रही। जब सहील ने दरवाजा नहीं खोला तो मैं अपने कमरे में चली गई। मुझे तो उस पर बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था । यह सब सोचते सोचते मेरी आंख लग गई जब मेरी नींद खुली तो सुबह के 3 बज चुके थे मैं फौरन से उठी। और सहील के कमरे तक जाने लगी मुझे अचानक से याद आया कि खिड़की के तरफ से मैं अन्दर जा सकती। हूं दबे पांव में खिड़की की तरफ से कमरे में चली गई और सहील के पास जाकर लेट गई। जब कमरे में किसी ने लाइट जलाई तो मेरी नजर सहील के ऊपर चल" गई । अब तो मैं हैरान परेशान सी हो गई सहील तो वहां पर खड़ा है। तो मैं
Hindi Story Best hindi kahaniyan
किसके पास सो गई जब मेरी नजर मेरे पति के ऊपर पड़ी तो मेरे पैरों तले सेज मीन निकल गई। मेरा पति कहने लगा कि जो तुम्हारे मन में खुरपत चल रही है। मुझे सब कुछ पता चल चुका है सहील तो मुझे पहले ही बता चुका है।कि तुम्हारे मन में क्या कुछ चल रहा है यह सब तो मेरा ड्रामा था मैं यह सच अपनी आंखों से देखना चाहता था तुम्हें रंगे हाथ पकड़ना चाहता था। मैं तो अपने पति के पैरों के नीचे गिरकर फूट-फूट कर रोने लगी । लेकिन मेरे पति को कोई फर्क पड़ने वाला नहीं था उसने कहा कि कल सुबह तुम मेरे घर से चली जाना। और मैं तुम्हें तलाक दे दूंगा क्योंकि मैं किसी भी भीखारन के साथ अपनी जिंदगी खुशी खुशी गुजर लूंगा। लेकिन तुम जैसी बेवफा औरत के साथ मैं एक पल भी हरकिश नहीं रह सकता मैं तो दिन-रात मेहनत करके तुम्हारी हर एक ख्वाहिश को पूरा करना चाहता था।* कि मेरी पत्नी खुश रहे। और अपने पति की खिदमत करें। लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरी पत्नी के दिमाग में क्या कुछ चल रहा है। अब मैं पूरी तरीके से बर्बाद हो चुकी थी। मेरे पास खोने को कुछ ना बचा था काश मैं अपने आप को संभाल के रखती तो आज मेरा पति मुझे तलाक नहीं देता। मुझे घर से नहीं निकालता मैं तो एक औरत होकर बर्बाद हो चुकी थी ।लेकिन सहील मर्द होकर भी अपने आप को हिफाजत में रखा दोस्तो उम्मीद करता हूं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी कहानी पसंद आई है तो story को लाइक करें subscribe Batn को जरूर दबाए ताकि अगली अपडेट सबसे पहले आपको मिले
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें