प्यार का तोहफा मामी से मिला Romantic mami story

Romantic hindi kahaniyan || 
Hindi Romantic Story 

दीदी की जेठानी ने अपनी कला काप्रदर्शन दिखाते हुए , भाई की साली को गर्म कर दिया , भाई की साली की सिसकियां रूम में गूंज रही थी तभी जेठानी ने मुझे कमरे में आने का इशारा किया ,मैं उनके पास चला गया , हम तीनों ने सारी रात नए नए आसन पर रोमांटिक गेम खेलें ,  नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे रोमांटिक कहानी में , मेरा नाम अनुराग है , मेरी उम्र अभी इक्किस साल की है , मुझे 18 से 20 साल की लड़कियां ज्यादा पसंद नहीं बल्कि शादीशुदा औरतें ज्यादा पसंद आती हैं , खिले गुलाब की तरह किसी भी आंटी को देख लेता तो मेरा मन अंदर से उनके साथ नागिन डांस करने लगता था , ट्रेन ऐसे ही चल रही थी , मेरे सालाना एग्जाम के बाद गर्मियों की छुट्टी पड़ी तो मां ने कहा कि मुंबई में भाई के घर चलना है , कुछ दिन वहां घूम कर आएंगे , मैंने भी हां कर दी थी , वैसे भी छुट्टियां थी तो घर पर बोर हो रहा था , हम दो दिन के सफर के बाद मुंबई भाई के घर पर पहुंच गए , मेरी भाभी की एक छोटी बहीन भी थी , उसका नाम मीना था और उससे मेरी अच्छी जमती थी , वहा जाने के बाद मेरा ज्यादातर समय मीना साली के साथ बीतता था क्योंकि मां भाभी के साथ बातों में लगी रहती , और भाई जी अपने काम पर चले जाते थे और रात को आते खाना खाकर जल्दी सो जाते थे , वह वैसे भी ज्यादा बोलते नहीं थे दिन ऐसे ही निकल गया अगले दिन मेरे जीजा का फोन आया , बोले कि दो हफ्ते के लिए वह गांव जा रहे हैं , वह दीदी की जेठानी को मुंबई छोड़ने केलिए आ रहे हैं , आप खुद या किसी और को स्टेशन पर जेठानी को लेने के लिए आ जाएं , मैंने यह बात भाभी से कहा तो भाभी बोली अनुराग तुम्हारे बड़े भाई जी तो है नहीं , तू ही चला जाना स्टेशन जेठानी को ले आना , मैंने कहा ठीक है ,मैं सुबह भाई की बाइक लेकर स्टेशन पहुंच गया , ट्रेन आ चुकी थीं , मैंने जीजा जी को प्रणाम किया , मैं जेठानी का सामान लिया और जीजा दूसरी ट्रेन से वापस चले गए , मेरी नजर जेठानी पर पड़ी तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गई , वह अपनी साड़ी के पल्लू को ठीक करने में लगी थी , और मैं उनको देखे जा रहा था , क्या खिलते गुलाब जैसा चेहरा गोल गोल बड़ी बड़ी आंखें पतली कमर बिल्कुल वैसी थी जैसी आंटी मुझे बहुत पसंद आती थी , जेठानी फ्री हुई तो मैं बस देखे जा रहा था , जेठानी ने मुझे टच करके कहा , अनुराग कहां खो गए क्या देख रहे हो चलोगे या यहीं खड़े खड़े मुझे देखते ही रहोगे , मैं सकपका गया , और बोला हां जी चलो , जेठानी खिलखिला कर हंस हंस कर बाते करते रहीं जेठानी का बेग काफी बड़ा था तो बाइक के पीछे बांध लिया , अब जगह थोड़ी कम थी बैठने को , जेठानी पीछे बैठी तो मुझसे  पूरी तरह से सट गई थी , मेरा तो दिमाग खराब हो रहा था , जेठानी मुझे पकड़ कर बैठी हुई थी , उनका हाथ मेरे कंधों पर था जेठानी की भीनी खुशबू ने मुझे दीवाना बना रही थी , चलते चलते झटका लगता तो उनके उभार एकदम मेरी पीठ से दब जाते थे , जेठानी मन ही मन मुस्कुरा रही थी , मैं देख रहा था , लगता है जेठानी को एहसास हो गया था जैसे तैसे घर पर पहुंच गए , जेठानी के आने के बाद घर का माहौल अब अच्छा हो गया था , जेठानी बहुत ही मजाकिया थी वह मेरे साथ खूब हंसी मजाक करती थी बातों बातों में मुझसे पूछ लिया गर्लफ्रेंड है कि नहीं , क्या क्या किया उसके साथ , मुझे यह बताने में शर्म आ रहा था , मैं बोला मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है मुझे अभी तक कोई पसंद नहीं आई , जेठानी मुझे आप जैसी औरतें पसंद आती हैं , मुझे बिल्कुल आप जैसी चाहिए , जेठानी बोली अच्छा जी मैं अच्छी लगती हूं तुमको , मैंने हिम्मत करके बोल दिया हां , मुझे आपका सब कुछ बहुत अच्छा लगता है , मुझे आप जैसी खिले हुए गुलाब की तरह औरतें बहुत मस्त लगती हैं , जेठानी शर्मा गई बोली हट बदमाश कहीं का , जेठानी की आंखें अचानक से एकदम नशीली होने लगी थी , अच्छा और बताओ क्या मन करता है तुम्हारा मुझे देखकर , मुझे शर्म आ रहा था और डर भी रहा था कि कहीं जेठानी बुरा ना मान जाए , वह बोली , बोल क्या हुआ , मैं बोला जेठानी मुझे आपके साथ रोमांस करने का मन कर रहा है , जेठानी की निगाह मुझ पर टिकी हुई थी और धीरे से बोली तो करता क्यों नहीं मैंने कब मना किया है , मैं हैरान था मुझे अपनी किस्मत पर यकीन ही नहीं हो रहा था कि जेठानी क्या बोल रही है , मैं बोला लेकिन जेठानी मैं कैसे आपके साथ वो सब करूंगा , तभी जेठानी बोली मन करता है ना तेरा , बस फिर आज रात में तैयार रहना इतना कहकर वह उठी और एक प्यारी सी मुस्कान देकर चली गई , रात होने का इंतजार करने लगा पर आज का दिन बहुत बड़ा लग रहा था , मुझे अपनी किस्मत पर यकीन ही नहीं हो रहा था कि जेठानी सच में मेरे साथ वो सब करेंगी , शाम हुई सब लोगो ने खाना वगैरा खाया मैं भाभी वाले रुम में बैठा था जल्द ही रूम में सब लोग टीवी पर सिरियल देखने आ गए थे , क्योंकि मेहमानों का रूम यही था और टीवी भी उसी कमरे में थी , मैं भी थोड़ी देर टीवी देखा और सोने का नाटक करने लगा वरना भाभी और भैया बातें करने बैठ जाएंगे , जब भाभी ने देखा कि मैं सो गया हूं वह उठी और लाइट बंद कर दी , और जाकर दूसरे कमरे के बेड पर सो गई , मुझे जेठानी का इंतजार करते काफी देर हो‌ गई पर जेठानी नहीं आई मुझे कब नींद आ गई , पता नहीं चला जेठानी कब मेरे बाजू में आकर लेट गई , जब जेठानी का हाथ मेरे हाथ पर पड़ा और मेरी आंख खुली फिर हमारा खेल शुरू हो गया , दीदी की जेठानी एकदम फुल पावर सातवें आसमान पर थी गंभीर युद्ध के बाद मैंने हथियार डाल दिए , और सब पानी पानी हो गया फिर जेठानी भी वहां से चली गई , मेरी सुबह नींद नहीं खुली देर से जागा और फ्रेश होकर कमरे से बाहर आया , देखा तो जेठानी मेरी तरफ देखकर बहुत ज्यादा मुस्कुरा रही थी जेठानी को मैंने भी प्यार भरी स्माइल दे दी थी , बड़े भैया की साली हम दोनों को देख रही थी मैंने साली की तरफ देखा और गर्दन झुका ली , और नाश्ता करने लगा , भैया की साली फुस फुस्सआई और बोली नाश्ता करके रूम में आ जाना कुछ बात करनी है , मैं डर गया कि कहीं भैया की साली ने रात में सब कुछ देख तो नहीं लिया , नाश्ता खत्म करके मैं रूम में पहुंचा तो भैया की साली ने एक जोरदार तमाचा मेरे गाल पर रसीद कर दिया , और बोली अनुराग मैं जीजा दीदी को सब कुछ बताऊंगी कि तूने रात में क्या काम किया है और जेठानी को भी शर्म नहीं आई उनको यह सब काम करने में , मैं रोने लगा , मैं भाई के साली से माफी मांगने लगा उनके पैर पकड़ लिए बोला यह सब काम के बारे में बड़े भाई से मत बताना , आगे से ऐसा नहीं होगा उन्होंने कहा पहले तुम बड़े भैया कहना बंद करो , और जो मैं पूछूंगी सच सच बताइए गा , मैंने कहा हां बोलो , वह बोली कल रात क्या क्या किया तुम दोनों ने मिलकर , मैंने कहा आपने तो देख लिया तब फिर क्यों पूछ रही हो , वह बोली अंधेरे में क्या दिखे गा, मैं बस जेठानी को तेरे बेडरुम में जाते देखा और तुम लोग कुछ कर रहे थे , मैं बोला मुझे बताने में शर्म आ रही है गुस्से में बोली मैं अभी जीजा दीदी को बताती हूं , मैंने झटके से कहा , मैं जेठानी के साथ वो सब कर रहा था , यह बात बताते हुए मैंने देखा कि भाई की साली के चेहरे पर अजीब सी बेचैनी दिखाई दे रही थीं , फिर वह बोली मैं एक शर्त पर तुम दोनों को माफ करूंगी तुम दोनों आज भी वही काम करोगे , मैं देखना चाहती हूं कि तुम दोनों आज कैसे करोगे , और आज लाइट भी बंद नहीं रहेगी मुझे सब देखना है , और जाकर तुम जेठानी को भी सारी बात बता दे नहीं तो में कल सबको बता दूंगी , मैंने सारी बात जाकर जेठानी को बताई , जेठानी ने कहा क्या बात है , तेरी तो लॉटरी निकल गई है , मैंने कहा जेठानी यहां लगी पड़ी है और आपको मजाक सूझ रहा है , जेठानी ने कहा अरे चिंता क्यों कर रहा है उसके शब्द का मतलब कुछ और है , तेरी भाई की साली कल रात को हम लोगों का प्रोग्राम देखकर पागल हो गई है , वह डायरेक्ट बोल नहीं पा रही तो यह सब नाटक कर रही है , मैं सोचने लगा वह तो वैसे भी मेरे बड़े भाई की सगी साली थोड़ी ना है , फिर जेठानी ने कहा तेरे बड़े भाई की साली तो एकदम कड़क है प्यार से मीठी आवाज में बोली बदमाश लड़का अच्छा लगा , देख आज रात को तुझे जन्नत की और सैर करने का मौका मिलने वाला है , मैंने भाई की साली को बोल दिया कि जेठानी मान गई है भाई की साली खुश हो गई , जब रात हुई सब लोगो ने खाना खाया फिर कुछ देर बाद भैया की साली भी आ गई , मैंने देखा आज भैया की साली कुछ ज्यादा ही खुश नजर आ रही थी तभी जेठानी भी आ गई , और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया फिर मेरे पास आकर बैठ गई और एक स्माइल देते हुए प्रोग्राम का खेल चालू कर दिया , आज जेठानी अलग ही जादू दिखा रही थी , जेठानी ने अपनी साडी निकाल कर एक तरफ रखते हुए मुझ पर टूट पड़ी , जेठानी आज तो पागलों की तरह प्यार कर रही थी , इधर हमारा कार्यक्रम खेल चल रहा था और उधर भाई की साली हम को देखे जा रही थी , और कंबल के अंदर कुछ कर भी रही थी और फिर अचानक से जेठानी मुझ पर से उठी और भाई की साली के पास चली गई , कंबल हटा दिया , और भाई की साली के साथ लग गई , भाई की साली को ऐसे अचानक हमले का अंदेशा नहीं था वह खुद को संभाल नहीं पाई , पर भाई की साली को सब कुछ बहुत अच्छा लग रहा था , जेठानी ने अपनी कला काप्रदर्शन दिखाते हुए भाई की साली को गर्म कर दिया , भाई की साली की सिसकियां रूम में गूंज रही थी तभी जेठानी ने मुझे आने का इशारा किया , मैं उनके पास चला गया हम तीनों ने सारी रात नए नए आसन पर रोमांटिक गेम खेलें ,, रोमांटिक विचार पांठ टू ,, आज मेरे पहले प्यार का बहुत अच्छा दिन है , दीदी और मैं घर पर अकेला था , दीदी की शादी हो गई थी पर भरी जवानी में वह विधवा हो गई थी इसलिए वह ज्यादा समय अपने मायके में रहती थी , आज करन के मम्मी पापा किसी किसी काम के सिलसिले से शहर से बाहर गए थे , मम्मी पापा तीन दिन बाद वापस लौटने वाले थे , करन की दीदी किचन में खाना बना रही थी और करन हाल में बैठ कर मोबाइल पर वो प्यार वाली वीडियो चला रहा था , करन ने सोचा दीदी को खाना बनाने में करीब आ एक घंटा लगेगा , तब तक वह मोबाइल पर प्यार वाली विडियो देख लेता है , लेकिन उसे क्या पता था की उसकी दीदी बहुत जल्द खाना बनाकर वापस आ जाएगी , प्यार वाली वीडियो देखते देखते करन को एक अजीब सा नशा छाने लगा था , इसलिए उसने अपने उस्ताद को बाहर निकाल लिया था , और हाथ से प्यार से सहला रहा था तभी अचानक से दीदी किचन से बाहर निकल आई और करन को उस हालत में देख लिया , करन तो आंखें बंद करके उस पल का बहुत आनंद ले रहा था , तभी दीदी ने पीछे से आवाज लगाई करन तुम यह क्या कर रहे हो दीदी की आवाज सुनकर वह डर गया , और बहुत जल्दी उसने अपने उस्ताद को ढक लिया , और अपनी दीदी के पैर पकड़ कर सॉरी बोला , तब दीदी ने कहा कि तुम यह क्या कर रहे थे , तुम्हें यह सब करने में जरा भी शर्म नहीं आती है आने दो मम्मी पापा को तुम्हारी शिकायत करूंगी , करन ने अपनी दीदी से माफी मांगी और मम्मी पापा से ना कहने को विनती किया , लेकिन मैं एक शर्त पर तुम्हें माफ कर सकती हूं करन घबराते हुए दीदी की शर्त मान ली , फिर तुरंत दीदी करन के पास आई और उसके बगल में बैठते हुए बोली , अगर तुम मुझे खुश कर दो तो यह राज मामी मामा को नहीं बताऊंगी , करन अपनी दीदी के मुंह से इस तरह की बात सुनकर चौक गया , मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि मेरी दीदी इस तरह की हरकत कर सकती है , करन कुछ देर तक तो ना ना करता रहा पर कुछ देर के बाद उस्ताद बाहर झांकने लगा , दीदी भी एकदम जोश में आ गई और उस्ताद को अपने हाथों में लेकर खेलने लगी , कुछ देर के बाद करन ने अपनी दीदी को वो करने को कहा तो उसके दीदी जोश में आकर मुंह से ऊपर नीचे करने लगी , तभी अचानक से करन के उस्ताद से रस निकल गया और दीदी उस्ताद का रस पी गई , दीदी ने मुझसे से कहा मेरे अंदर की गर्मी शांत नहीं हुई है , फिर करन ने कहा , आप चिंता ना करो , मैं रात को तुम्हें अपने उस्ताद को दे दूंगा , दीदी ने कहा ठीक है फिर करन अपने कमरे में चला गया जब रात हुई तो दीदी जल्दी खाना पीना बना लिया था , और मेरे साथ बैठकर खाना खा लिया , आज दीदी बहुत खुश थी क्योंकि जब से दीदी का पति मरा था , तब से बह वो वाले प्यार लिए तरस रही थी , दीदी जब रात को सोने के लिए अपने कमरे में गई तो मुझे फोन करके अपने कमरे में बुला लिया , रात के 9 बजे दोनों बेड पर लेट कर प्यार भरी बातें करने लगे क्योंकि पूरे घर में सिर्फ वही दोनों थे , करन के मम्मी पापा बाहर गए थे , रात में दीदी ने मुझसे से पूछा कि तुमने दिन को मेरे साथ क्यों नहीं किया तो मैं बोला दरअसल मैं इस खेल में अनाड़ी हूं , शायद तुम्हारे साथ अच्छे से गेम नहीं खेल पाता , इसलिए मैं तो अब तक लड़की को खुश करने के वीडियो देख रहा था , ताकि तुम्हें हर तरह से खुश कर सकूं , उस दिन अपनी दीदी को रात भर हर तरह से खुश किया , वैसे तो सांगी दीदी तो थी नहीं जब से उनका पति मरा तब से मामा के घर पर रह रही थी कभी उसके पति ने भी वैसा नहीं किया था , दोस्तों कहानी अच्छी लगी है तो एक प्यारा सा कमेंट करे , अभी तक आपने शिवांग देव स्टोरी चैनल सब्सक्राइब नहीं किया तो चैनल को सब्सक्राइब करें , और बेल नोटिफिकेशन ऑन करना ना भूले थैंक्स फॉर वाचिंग माय स्टोरी वीडियो



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