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Bad time story

 सास बहुत गुस्से में बोली, "मेरी बेटी से पूछे बिना आज तुमने बैंगन बनाने की हिम्मत भी कैसे की? बहू कल से ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में क्या बनेगा? ये तुम्हें रोज अपनी ननद से फोन पर पूछना होगा। वो अपना ससुराल और मायका दोनों संभाल सकती है।" बहू परेशान हो गई और फिर जागृति और रजत की शादी को अभी 2 सप्ताह हो हुए थे। धीरे-धीरे जागृति घर गृहस्थी के काम संभाल रही थी। उसके पति ने उसे पहले ही बता दिया था कि उसकी दीदी सीमा ने पिता के गुजरने के बाद घर को संभाला था, घर का खर्च चलाया था और रजत को पढ़ाया-लिखाया था। तो उसका स्थान हमेशा घर में सबसे पहले रहेगा। जागृति भी अपनी ननद के संघर्षों को समझ गई थी और उसके प्रति उसके मन में ढेर सारी इज्जत भी थी। हालांकि सीमा अब अपनी ससुराल में थी। फोन पर बातचीत करने से जागृति को सीमा का स्वभाव अच्छा ही लगा था। एक दिन ऐसे ही जागृति ने नाश्ते में पोहे बना लिए, तो उसकी सास थोड़ा नाराज हो गई और कहने लगी, "मुझे तो ये नाश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। बहू एक काम करो। तुम अपनी ननद से पूछ लिया करो कि खाने में क्या बनाना है? वह तुम्हें बता दिया करेगी यह बात जागृत...

Heart touching Bad time story

 पापा-पापा मुझे आपका मोबाइल दो न। मुझे गेम खेलना है। 9 साल की छोटी सी गुड़िया ने अपने पापा सोहन से गेम खेलने के लिए मोबाइल की मांग की तो, सोहन ने कहा- नहीं बेटा अभी काम है मुझे बाद में दूंगा। गुड़िया ने जिद करते हुए कहा- नहीं पापा दो न में तुरंत गेम खेलकर दे दूँगी। सोहन ने फिर से कहा नहीं बेटा, मैंने कहा न मुझे अभी काम है में बाद में दे दूंगा। रोती हुई गुड़िया अपने माँ के पास गई और कहा- देखो न माँ पापा मुझे मोबाइल नहीं दे रहे हैं। वो कुछ काम भी नहीं कर रहे हैं और मुझे दे भी नहीं रहे हैं। गुड़िया की माँ नेहा चिल्लाते हुए बोली- अरे थोड़ी देर के लिए इसे मोबाइल क्यों नहीं दे देते। कब से सिर खा रही है। ये आजकल के बच्चे मोबाइल के कीड़े बन कर रह गए हैं। मोबाइल और कम्प्युटर के बारे में जितना हम माँ-बाप को पता नहीं होता उससे ज्यादा तो इन बच्चों को पता रहता है। वो हमारे पड़ोसी बर्मा जी हैं न उनका बेटा मनु की उम्र हमारी बेटी से 1 या 2 साल ही ज्यादा होगा। उसे जब देखो मोबाइल और लैपटाप में ही घुसा रहता है। कितना एडवांस हो गया है उनका बच्चा। मोबाइल तो अलग बात है वो लैपटाप भी चला लेता है। कितना मै...
  उसके पति को पेड़ में बंधक बनाकर,  इसके बाद उसके साथ जो बलात्कार करने की कोशिश करते हैं पत्नी और  पति का रो रोकर बुरा हाल हो जाता है, वह हाथ पैर जोड़कर हैं भीख मांगते हैं, लेकिन उन लोगों के कानों तक उसकी आवाजें पहुंच ही नहीं रही थी, जब पति बारबार चिल्ला रहा है कि मेरी पत्नी को छोड़ दो, और उस  व्यक्ति को कुछ लोगों ने लगभग तीन से चार घंटे तक बंधक बना के रखा, और जब वो लोग वहां से चले जाते हैं तो उसकी पत्नी उसको बंधन मुक्त करती है ,और बंधन मुक्त करते हुए कहती है कि अभी जो तुमने देखा है ना यह बात कभी किसी से बताना मत शेयर मत करना, हमारी जिंदगी लुट चुकी है बर्बाद हो चुकी है ,यह दोनों पति पत्नी घर चले जाते हैं इन्हें जाना कहीं और था, क्योंकि अभी कुछ देर पहले उसकी पत्नी ने उसे कसम दी थी ,रात को सोते वक्त पत्नी के शरीर पर जरा सा भी कोई कपड़ा या  इसके पति का हाथ अगर लग जाया करता ,तो पत्नी बहुत डरने लगती और वो कांपने लगती थी ,पूरी रात रो रोकर गुजर जाती है ना पति पत्नी से कुछ कह पाता है, ना पत्नी पति से कुछ कह पाती है ,जब पूरी रात बीत जाती है दिन निकलता है, 2४ मार्च 2023 क...
  उसके पति को पेड़ में बंधक बनाकर  इसके बाद उसके साथ जो बलात्कार करने की कोशिश करते हैं पत्नी और  पति का रो रोकर बुरा हाल हो जाता है वह हाथ पैर जोड़ते हैं भीख मांगते हैं लेकिन उन लोगों के कानों तक उसकी आवाजें पहुंच ही नहीं रही थी जब पति बारबार चिल्ला रहा है कि मेरी पत्नी को छोड़ दो और उस  व्यक्ति को कुछ लोगों ने लगभग तीन से चार घंटे तक बंधक बना के रखा और जब वो लोग वहां से चले जाते हैं तो उसकी पत्नी उसको बंधन मुक्त करती है और बंधन मुक्त करते हुए कहती है कि अभी जो तुमने देखा है ना यह बात कभी किसी से बताना मत शेयर मत करना हमारी जिंदगी लुट चुकी है बर्बाद हो चुकी है यह दोनों पति पत्नी घर चले जाते हैं इन्हें जाना कहीं और था क्योंकि अभी कुछ देर पहले उसकी पत्नी ने उसे कसम दी थी रात को सोते वक्त पत्नी के शरीर पर जरा सा भी कोई कपड़ा या  इसके पति का हाथ अगर लग जाया करता तो पत्नी बहुत डरने लगती और वो कांपने लगती थी पूरी रात रो रोकर गुजर जाती है ना पति पत्नी से कुछ कह पाता है ना पत्नी पति से कुछ कह पाती है जब पूरी रात बीत जाती है दिन निकलता है 2४ मार्च 2023 को पति कहता है कि...
 कल्पना फिर से उल्टी कर देती है ,और आराम करने के लिए अंदर चली जाती है उसका पूरा दिन जी मचलाता रहता है, अगले दिन सुबह वो घर का काम कर रही थी, नमस्कार प्रणाम मै शिवांग देव एक नई कहानी लेकर हाजिर हूं, एक छोटे से गांव में बिजलानी और कल्पना नाम की सास और बहू रहती थी, सास बिजलानी बहुत लालची औरत थी बहू कल्पना एक पढ़ी लिखी समझदार औरत है ,एक दिन बहू घर के सामने सफाई कर रही थी अचानक उसे चक्कर आए और उल्टी होने लगी ,मैंने कई बार कहा है कि बाहर का खाना मत खाया करो, लेकिन तुम लोग सुनते ही नहीं और बस पैसा खर्च करने में लगे रहते हो, वो कल्पना को डांट रही है कल्पना फिर से उल्टी कर देती है ,और आराम करने के लिए अंदर चली जाती है उसका पूरा दिन जी मचलाता रहता है, अगले दिन सुबह वो घर का काम कर रही थी, अरे कल्पना तुमने परसों रात का बना पुलाव क्यों फेंक दिया, ये सरासर बर्बादी है खाने की भी और पैसों की भी ,अगर खाना सड़ गया है तो फेंकने की बजाय क्या हमें उसे गर्म करके खाना चाहिए,क्यों नहीं खाना चाहिए हमें इसे गर्म करके खाना ही चाहिए, कल से तुम नहीं पकाना मैं देख लूंगी रसोई तुम्हारे बस की नहीं है, उसने बासी ख...
  उस लड़की के पूरे कपड़े उतार दिए जाते हैं यानी कि उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था। अब वो लड़की शर्मा रही है परेशान है और उसके साथ पहले ही रेप हो चुका है। धीरे-धीरे उसे होश आता है तब तक उसके साथ लगभग 10 लड़के बारी-बारी से बलात्कार कर चुके थे। नमस्कार दोस्तों यह कहानी जो सुनाने जा रहा हूं सच्ची घटना महाराष्ट्र की है। पूछताछ के लिए तो लेडीज पुलिस अधिकारी साफ सफाई करने जाएगा तो लेडीज डिपार्टमेंट से ही कोई जाएगा। यानी कि उस कमरे के अंदर एंट्री है तो सिर्फ लेडीज़ की ।मुंबई का एक हॉस्पिटल है जहां पर लगभग 16 साल की एक लड़की एडमिट है। उस लड़की के इलाज के लिए लेडीज डॉक्टर पूछताछ के लिए तो लेडीज पुलिस अधिकारी ।साफ सफाई करने जाएगा तो लेडीज डिपार्टमेंट से ही कोई जाएगा। यानी कि उस कमरे के अंदर एंट्री है तो सिर्फ महिला या लेडीज की। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति पुरुष नाम से ना तो कोई वहां एंट्री होगी। ना ही पुरुष का नाम वहां लिया जाएगा। दरअसल वह लड़की पुरुष नाम से इतना भयभीत है इतनी डरी हुई है कि नाम सामने आते ही लड़की की सांसें जोर-जोर से चलने लगती हैं ।उसे देखकर ऐसा लगने लगता है जैसे कि वह मर ...