Bad time story
सास बहुत गुस्से में बोली, "मेरी बेटी से पूछे बिना आज तुमने बैंगन बनाने की हिम्मत भी कैसे की? बहू कल से ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में क्या बनेगा? ये तुम्हें रोज अपनी ननद से फोन पर पूछना होगा। वो अपना ससुराल और मायका दोनों संभाल सकती है।" बहू परेशान हो गई और फिर जागृति और रजत की शादी को अभी 2 सप्ताह हो हुए थे। धीरे-धीरे जागृति घर गृहस्थी के काम संभाल रही थी। उसके पति ने उसे पहले ही बता दिया था कि उसकी दीदी सीमा ने पिता के गुजरने के बाद घर को संभाला था, घर का खर्च चलाया था और रजत को पढ़ाया-लिखाया था। तो उसका स्थान हमेशा घर में सबसे पहले रहेगा। जागृति भी अपनी ननद के संघर्षों को समझ गई थी और उसके प्रति उसके मन में ढेर सारी इज्जत भी थी। हालांकि सीमा अब अपनी ससुराल में थी। फोन पर बातचीत करने से जागृति को सीमा का स्वभाव अच्छा ही लगा था। एक दिन ऐसे ही जागृति ने नाश्ते में पोहे बना लिए, तो उसकी सास थोड़ा नाराज हो गई और कहने लगी, "मुझे तो ये नाश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। बहू एक काम करो। तुम अपनी ननद से पूछ लिया करो कि खाने में क्या बनाना है? वह तुम्हें बता दिया करेगी यह बात जागृत...